शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय जाट धर्मशाला में हथियारबंद लोगों के ठहरने की सूचना मिलने के बाद सिरसा पुलिस ने रात में तलाशी अभियान चलाया। गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह के बीच चलाए गए इस अभियान का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो गया है।
खबरों के मुताबिक, सुबह करीब 3 बजे छह से सात लोग धर्मशाला में घुस गए। वीडियो में उन्हें गेट फांदकर अंदर जाते देखा जा सकता है। कुछ ने आधी बाजू की टी-शर्ट और पतलून पहनी हुई थी, जबकि अन्य ने टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहनी हुई थी। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति के पास बंदूक थी। फुटेज में उन्हें जाने से पहले इलाके का मुआयना करते हुए दिखाया गया है। किसी तरह की हिंसा की कोई खबर नहीं है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जेजेपी नेता दिग्विजय सिंह चौटाला ने इसे शहरवासियों के लिए चिंता का विषय बताया और विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि फुटेज में दिख रहे लोग हथियारों से लैस लग रहे थे—दो के पास एके-47, एक के पास पिस्तौल और एक के पास कार्बाइन थी। उन्होंने आगे बताया कि वे काले रंग की खिड़कियों वाली और बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में आए थे।
चौटाला ने विधायक गोकुल सेतिया सहित सिरसा के विधायकों से 27 अप्रैल को हरियाणा विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि धर्मशाला प्रबंधन ने पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है और उम्मीद जताई कि अधिकारी सच्चाई का पता लगाने के लिए कार्रवाई करेंगे।
सिरसा एसपी दीपक सहारन ने बताया कि धर्मशाला में हथियारबंद लोगों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच-पड़ताल की। उन्होंने कहा, “हमने पूछताछ की और स्थिति की पुष्टि की, लेकिन हमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, जिसके बाद टीम वापस लौट गई।” उन्होंने आगे बताया कि डीएसपी मामले की जांच कर रहे हैं और इस बात पर जोर दिया कि पुलिस जन सुरक्षा के लिए पुष्ट जानकारी के आधार पर ही कार्रवाई करती है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिरसा से आई सीआईए की एक टीम ने सूचना मिलने के बाद तलाशी अभियान चलाया कि राजस्थान के कुछ लोग धर्मशाला में ठहरे हुए हैं। टीम ने पाया कि वे साधारण मजदूर थे और सत्यापन के बाद वापस लौट गई।


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