चरखी दादरी जिले के इमलोटा गांव में स्थानीय पहलवान सुजीत कलकल के एशियाई खेलों में फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतने के बाद जश्न का माहौल छा गया। उनके परिवार और गांव वालों ने फाइनल मुकाबला टेलीविजन पर लाइव देखा। सुजीत की जीत होते ही पूरा गांव जश्न में डूब गया, ढोल बजने लगे और पटाखे फोड़े जाने लगे। फाइनल में सुजीत ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया, जहां उन्होंने 2-9 अंकों से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक जीतकर 10-9 से जीत दर्ज की। इससे पहले, उन्होंने अपने गृह देश में जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को हराकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की थी।
सोनीपत में भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के कुश्ती प्रशिक्षक, सुजीत के पिता दयानंद कालकल ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने कहा, “सुजीत ने मैट पर शानदार प्रदर्शन किया है। उसने न केवल हमारा बल्कि पूरे देश का दिल जीत लिया है। ओलंपिक चैंपियन के देश में जाकर उसे हराना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।”
इस जीत को “अगले ओलंपिक के लिए सेमीफाइनल” बताते हुए दयानंद ने कहा कि अब परिवार का मुख्य लक्ष्य सुजीत को देश के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतते देखना है। उन्होंने कहा, “घर से निकलते समय उसने वादा किया था कि वह स्वर्ण पदक जीतने के बाद ही लौटेगा। उसने अपना वादा निभाया है।” उन्होंने बताया कि सुजीत ने 2025 से कोई मुकाबला नहीं हारा है और अब वह विश्व चैंपियनशिप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहा है। दयानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्रियों और विधायकों को गांव में आयोजित होने वाले भव्य अभिनंदन समारोह में आमंत्रित किया जाएगा।
सुजीत की घर वापसी और भव्य स्वागत समारोह की तैयारियां पहले से ही चल रही हैं, वहीं लोग परिवार को बधाई देने के लिए उनके घर आ रहे हैं। सुजीत की मां, मनजीत देवी ने बताया कि उसने उनसे कहा था कि वह केवल सोना लेकर लौटेगा। उन्होंने कहा, “जाने से पहले मैंने उसे चूरमा खिलाया था, और जब वह लौटेगा तो मैं उसका स्वागत फिर से चूरमा से ही करूंगी।”
दादरी के विधायक सुनील सांगवान ने भी दयानंद कालकल को फोन करके परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सुजीत ने न केवल चरखी दादरी बल्कि हरियाणा और देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया है।

