June 25, 2026
Entertainment

सेलिना जेटली की बढ़ी मुश्किलें, पति-ससुर ने भेजा नोटिस, झूठे आरोपों और मीडिया ट्रायल पर आपत्ति

Celina Jaitly’s troubles mount as husband and father-in-law send notices, objecting to false allegations and media trial

अभिनेत्री सेलिना जेटली की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। तलाक और बच्चों की कस्टडी को लेकर चल रहे विवादों के बीच उन्हें पति पीटर हाग और ससुर डीआई वोल्फगैंग जे. हाग ने दो अलग-अलग कानूनी नोटिस भेजे हैं।

मुंबई स्थित विधि फर्म सेमवाल एंड कंपनी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ये नोटिस सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कई मीडिया माध्यमों में प्रसारित की जा रही उन बातों के संबंध में जारी किए गए हैं, जिन्हें हाग परिवार ने भ्रामक, असत्य और मानहानिकारक बताया है।

जानकारी के अनुसार, पहला नोटिस पीटर हाग के पिता डीआई वोल्फगैंग जे. हाग की ओर से भेजा गया है, जबकि दूसरा नोटिस स्वयं पीटर हाग ने अपने और अपने तीन नाबालिग बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए जारी किया है। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ समय से उनके खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर कई ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पीटर हाग और सेलिना जेटली के बीच वैवाहिक विवाद और बच्चों की कस्टडी से जुड़े मामले वर्तमान में ऑस्ट्रिया की अदालतों में विचाराधीन हैं। परिवार का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद इस मामले से जुड़े कई बयान, इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट सार्वजनिक रूप से साझा किए गए, जिनमें हाग फैमिली को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए।

हाग फैमिली का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से परहेज किया, क्योंकि वे चाहते थे कि पारिवारिक और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से हो। हालांकि, उनके अनुसार लगातार लग रहे सार्वजनिक आरोपों और मीडिया में उनके प्रसार के चलते अब कानूनी कदम उठाना जरूरी हो गया था।

नोटिस में उन आरोपों का विशेष रूप से खंडन किया गया है, जिनमें पीटर हाग को हिंसक, अपमानजनक, भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करने वाला या डराने-धमकाने वाला व्यक्ति बताया गया है। इसके अलावा, बच्चों को छिपाने, उनकी सोच को प्रभावित या ब्रेनवॉश करने, उत्पीड़न करने और धर्म से जुड़े कुछ आरोपों को भी परिवार ने पूरी तरह निराधार बताया है।

हाग फैमिली ने सबसे अधिक चिंता बच्चों की प्राइवेसी और मानसिक स्थिति को लेकर जताई है। उनका कहना है कि लगातार सार्वजनिक चर्चाओं, तस्वीरों को पोस्ट करने और निजी मामलों को मीडिया में लाने से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उनका मानना है कि बच्चों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ संभाला जाना चाहिए और सार्वजनिक बहस या मीडिया ट्रायल का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि कथित रूप से प्रसारित की गए कुछ कंटेंट मानहानि, निजता के उल्लंघन और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की श्रेणी में आ सकते हैं। इसी आधार पर संबंधित पक्षों से आपत्तिजनक कंटेंट हटाने, ऐसे पोस्ट को रोकने, सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करने और बिना शर्त माफी की मांग की गई है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सेमवाल एंड कंपनी की पार्टनर और सॉलिसिटर येशा शाह ने बताया, “महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानून समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी भी शादी से संबंधित विवाद को बिना पुष्टि के आरोपों और सार्वजनिक अभियानों के जरिए मीडिया ट्रायल में बदलना उचित नहीं है। कानूनी प्रक्रियाओं का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति की समाज में छवि को नुकसान पहुंचाना।”

परिवार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि नोटिस में उल्लिखित मांगों का पालन नहीं किया गया तो वे आगे आपराधिक कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। हाग फैमिली के अनुसार, उनकी प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा, सम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और निजता बनाए रखना है। मामला ऑस्ट्रिया की अदालतों में लंबित है, इसलिए इस समय वे सार्वजनिक रूप से इससे अधिक टिप्पणी नहीं करेंगे।

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