हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पेपर लीक की समस्या को “हमेशा के लिए” खत्म कर देगी। उन्होंने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
अनुराग ने कहा कि यह कानून भारत के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लाया गया था, लेकिन विपक्ष ने कई दिनों तक इस पर चर्चा करने से परहेज किया। उन्होंने आगे कहा, “जिस प्रकार केंद्र सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है, उसी प्रकार हम भी कागजी दस्तावेजों के रिसाव की समस्या को जड़ से खत्म करेंगे।”
उन्होंने कहा कि परीक्षा में अनियमितताएं युवाओं की आकांक्षाओं के लिए गंभीर खतरा हैं और प्रश्नपत्र लीक होना “आतंकवाद या नक्सलवाद से कम खतरनाक नहीं है” क्योंकि देश के युवा इसके सबसे बड़े शिकार हैं। उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने देश के युवाओं को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम प्रश्नपत्र लीक की इस समस्या का निश्चित समाधान निकालेंगे। जिस प्रकार केंद्र सरकार ने हर चुनौती का समाधान और उपाय प्रदान किए हैं, उसी प्रकार हम इस समस्या का भी समाधान करेंगे।”
अनुराग ने कहा कि जहां सरकार परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए सुधार ला रही है, वहीं विपक्ष इसे मजबूत करने के उपायों का समर्थन करने के बजाय राजनीति में लिप्त है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री का युवाओं से सीधा जुड़ाव है, जो उनकी चुनावी सफलता में झलकता है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं से सीधा जुड़ाव है और इसीलिए युवा उनकी बात सुनते हैं। अपनी लोकप्रियता के बल पर मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं।”
उन्होंने NEET विवाद से निपटने के सरकारी प्रयासों का बचाव किया और कहा कि पुनर्परीक्षा बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजित की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि परीक्षा देशभर में 5,440 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी और प्रश्न पत्र 13 भाषाओं में तैयार किए गए थे।

