हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद (एचएसएचईसी) द्वारा हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष (एचएसआरएफ) के तहत “स्वस्थ राष्ट्र के लिए पूर्व-विद्यालयी बच्चों में कुपोषण के प्रबंधन पर इसके प्रभाव और तैयार-खाने योग्य (आरटीई) प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के विकास” नामक परियोजना के लिए केंद्रीय हरियाणा विश्वविद्यालय (सीयूएच), महेंद्रगढ़ को 41 लाख रुपये का अनुसंधान अनुदान प्रदान किया गया है।
इस परियोजना का उद्देश्य पौष्टिक, सुलभ और टिकाऊ खाद्य समाधान विकसित करके छोटे बच्चों में कुपोषण की गंभीर समस्या का समाधान करना है।
इस परियोजना का नेतृत्व पोषण जीवविज्ञान विभाग की परियोजना अन्वेषक डॉ. अनीता कुमारी करेंगी, जिनका काम नवीन खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के माध्यम से पोषण संबंधी परिणामों में सुधार और सार्वजनिक स्वास्थ्य का समर्थन करने पर केंद्रित है।
इस उपलब्धि पर, सीयूएच के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार ने डॉ. अनीता कुमारी और परियोजना के सह-अन्वेषक प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह को बधाई दी।
प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन की आशा करते हैं, जो बाल पोषण को बढ़ावा देने और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का वादा करती है।
रजिस्ट्रार (प्रोफेसर) सुनील कुमार ने भी परियोजना हासिल करने के लिए शोधकर्ताओं को बधाई दी और बच्चों के लिए नवीन पोषण संबंधी हस्तक्षेप विकसित करने पर केंद्रित अनुसंधान करने में उनके प्रयासों की सराहना की।
सीयूएच की डीन (रिसर्च)-सह-निदेशक, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ, प्रोफेसर नीलम सांगवान; अंतःविषयक और अनुप्रयुक्त विज्ञान विद्यालय के डीन प्रोफेसर दिनेश कुमार गुप्ता और पोषण जीवविज्ञान विभाग के प्रमुख प्रोफेसर उमेश कुमार ने भी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं और परियोजना के सफल क्रियान्वयन की कामना की।

