July 23, 2026
National

अंकित शर्मा हत्याकांड: दोषी ताहिर हुसैन की सजा की अवधि पर कोर्ट करेगा सुनवाई

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दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में गुरुवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में सजा की अवधि पर सुनवाई होगी। यह हत्या 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान हुई थी। इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को दोषी ठहराया गया है।

इस महीने की शुरुआत में 13 जुलाई को कोर्ट ने ताहिर हुसैन और चार अन्य आरोपियों को हत्या, दंगा करने, अपहरण और अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने जैसे आरोपों में दोषी ठहराया था। फैसला सुनाने के बाद, कोर्ट ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों को निर्देश दिया कि वे 23 जुलाई को दोषियों को दी जाने वाली उचित सजा के बारे में अपनी दलीलें पेश करें।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या 25 फरवरी, 2020 को खजूरी खास इलाके में उनके घर के पास कर दी गई थी। वे चांद बाग पुलिया के पास दो समूहों के बीच भड़की हिंसा में फंस गए थे।अभियोजन पक्ष का आरोप है कि शर्मा ने दोनों समूहों को शांत करने की कोशिश की थी, तभी लगभग 20 से 25 लोगों की भीड़ ने उनका अपहरण कर लिया। इसके बाद उन पर हमला किया गया और कई बार चाकू मारा गया। फिर उनके शव को पास के नाले में फेंक दिया गया।

अपने फैसले में कोर्ट ने ताहिर हुसैन को समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, दंगा करने, मारपीट करने, आपराधिक बल का इस्तेमाल करने और हत्या जैसे अपराधों का दोषी माना। यह मामला अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर पर आधारित है। मामले में हुसैन का नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में 53 लोगों की जान चली गई थी, कई अन्य लोग घायल हो गए थे और करोड़ों रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ था।

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