June 24, 2026
Punjab

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को दी हरी झंडी, मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण को सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा

Chief Minister Bhagwant Singh Mann led Cabinet approves amendment to the service rules of the Election Department, ensuring smooth conduct of the special revision of voter lists

अनिल भारद्वाज

चंडीगढ़ 1 जून | पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने आज अहम फैसला लेते हुए आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रदेश की चुनाव मशीनरी को मजबूत करने के लिए चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से लंबे समय से लटक रही प्रशासनिक बाधाएं दूर होंगी, मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) को सुचारू और निर्बाध तरीके से संपन्न कराने में मदद मिलेगी और चुनावों से संबंधित कार्यों के लिए आवश्यक स्टाफ सुनिश्चित करने हेतु खाली पड़े महत्वपूर्ण पदों को भरने का रास्ता साफ होगा। मंत्रिमंडल ने जल संसाधन विभाग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को भी स्वीकृति दे दी है।

ये फैसले आज यहां मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिए गए।

इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मंत्रिमंडल ने चुनाव कानूनगो के पद से चुनाव तहसीलदार के रूप में पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने हेतु चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।

यह संशोधन विभाग में चुनाव तहसीलदार के 7 रिक्त पदों के कारण अनिवार्य हो गया था। मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष पुनरीक्षण और आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चुनावों से संबंधित कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए चुनाव तहसीलदारों की सेवाओं की तत्काल आवश्यकता है।

मौजूदा नियमों के तहत 15 वर्षों के अनुभव की आवश्यकता होती है और इस समय सेवा कर रहे चुनाव कानूनगो में से कोई भी पदोन्नति के लिए योग्य नहीं है। विभाग ने आवश्यक अनुभव को घटाकर 12 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा था ताकि योग्य चुनाव कानूनगो को आने वाले समय में पदोन्नत किया जा सके और चुनाव मशीनरी को मजबूत करने के लिए रिक्त पदों को भरा जा सके।

जल संसाधन विभाग की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को मंजूरी

इस दौरान मंत्रिमंडल ने वर्ष 2025-26 के लिए जल संसाधन विभाग की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को भी स्वीकृति दे दी है। इस रिपोर्ट की स्वीकृति से वित्तीय वर्ष के दौरान विभाग के प्रशासनिक कार्यों और उपलब्धियों के दस्तावेज़ीकरण और समीक्षा करने में मदद मिलेगी।

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