May 25, 2026
Punjab

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका, बेअदबी विरोधी ऐतिहासिक कानून बनाने की समझ और शक्ति देने के लिए परमात्मा का शुक्राना किया

Chief Minister Bhagwant Singh Mann pays obeisance at Sri Harmandir Sahib, thanks God for giving him wisdom and strength to enact landmark anti-sacrilege law

अनिल भारद्वाज

चंडीगढ़ 7 मई |मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 को लागू करने की समझ और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

आज श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका दिल परमात्मा के प्रति शुक्राने से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला है, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में अहम साबित होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं, जिनकी मान-मर्यादा बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मिसाली सजा का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब की अमन-शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक एकता को भंग करने के उद्देश्य से रची गई गहरी साजिश का हिस्सा थीं। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि यह कानून इतनी समझदारी और सख्ती से बनाया गया है कि दोषी ठहराए गए व्यक्ति को मरने तक उम्रकैद की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश के नामी कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करने के बाद इस कानून का मसौदा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून ऐसी घटनाओं के खिलाफ मजबूत व्यवस्था के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दुनिया भर के लोगों और सिख संगत ने पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस कानून का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जहां पूरी सिख संगत ने इस कानून का स्वागत किया है, वहीं शिरोमणि कमेटी के आकाओं ने इसका विरोध किया है क्योंकि बेअदबी से जुड़ी घटनाओं में वे स्वयं शामिल रहे हैं।”

चार दिवसीय “शुक्राना यात्रा” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक कानून को पारित करने की क्षमता और समझ देने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करने निकले हैं।

उन्होंने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होकर यह यात्रा 9 मई तक जारी रहेगी और यात्रा के दौरान वह तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब के दर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य परमात्मा का शुक्राना करना है, जिन्होंने हमें मानवता और पंजाब की सेवा के लिए यह बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचने वाली संगत का दिल से धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भर की संगत यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत कर रही है क्योंकि पहली बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा और सम्मान की रक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कानून तैयार किया गया है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब कैबिनेट और पंजाब विधानसभा दोनों ने सर्वसम्मति से इस कानून को मंजूरी दी है।

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