मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना कस्बे में शुक्रवार को एक बार फिर तनाव फैल गया। जुमे की नमाज के बाद कथित तौर पर भीड़ ने बसों में आग लगा दी, दुकानों में तोड़फोड़ की और कई जगहों पर पथराव किया। हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बताया गया है कि यह पूरा विवाद 22 जनवरी की रात एक बस को रास्ता देने को लेकर हुए मामूली झगड़े से शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद दो समुदायों के बीच तनाव में बदल गया, जिसके बाद पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
शुक्रवार को हालात और बिगड़ गए, जब अज्ञात उपद्रवियों ने दो बसों में आग लगा दी और पथराव कर दहशत फैला दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस मामले में छह लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
एसपी शर्मा के अनुसार, यह घटना सोहेल ठाकुर नामक युवक पर हुए हमले से जुड़ी है, जिसे पीछे से कुछ युवकों ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उसे इलाज के लिए उज्जैन रेफर किया गया है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सप्पन मिर्जा, इशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि चार अन्य से पूछताछ की जा रही है।
इससे पहले भी तराना तहसील में वीएचपी-बजरंग दल के एक कार्यकर्ता पर हमले के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड पर खड़ी करीब एक दर्जन बसों में तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया। तनाव को देखते हुए शुक्रवार को बाजार बंद रहे और संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस गश्त की गई। शुक्रवार सुबह हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर तराना थाने का घेराव किया और आरोपियों के घर गिराने तथा उन्हें जुलूस में घुमाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर धरना दिया और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है और सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है, जिससे आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आगजनी और तनाव के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, हालांकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
बसंत पंचमी और शुक्रवार एक साथ होने के कारण एहतियात के तौर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। मौके पर एसटीएफ की एक कंपनी और करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात हैं। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।


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