July 31, 2026
National

झाबुआ में स्वयं सहायता समूहों को 300 करोड़ का ऋण वितरित करेंगे सीएम मोहन यादव

CM Mohan Yadav to distribute loans worth ₹300 crore to self-help groups in Jhabua.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला शहर में आयोजित राज्य-स्तरीय क्षमता-निर्माण और ऋण वितरण कार्यक्रम में स्वयं-सहायता समूहों (एसएचजीएस) को 300 करोड़ रुपए के ऋण वितरित करेंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोपहर 1:30 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम का मकसद राज्य भर में स्वयं-सहायता समूहों को मजबूत करना, महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और ग्रामीण आजीविका को बेहतर बनाना है।

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों और प्रगतिशील किसानों से बातचीत भी करेंगे। उम्मीद है कि वे उनके अनुभवों और प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की कोशिशों पर चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव झाबुआ जिले में 174.64 करोड़ रुपए की लागत वाली 29 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 109.17 करोड़ रुपए की लागत वाली 28 पूरी हो चुकी परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “यह कार्यक्रम 300 करोड़ रुपए के लोन बांटकर स्वयं-सहायता समूहों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम होगा। इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, ग्रामीण आजीविका और स्वरोजगार को नई गति मिलेगी।”

इस कार्यक्रम के तहत, झाबुआ जिले में 215 स्वयं-सहायता समूहों को ‘मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ के तहत 10.08 करोड़ रुपए के लोन मिलेंगे। कई सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी मदद मिलेगी। इनमें मॉडर्न डेयरी यूनिट्स के लिए ‘डॉ बीआर अंबेडकर कामधेनु योजना’, ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’, ‘भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना’, ‘टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना’ और ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिकीकरण योजना’ शामिल हैं।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 10वीं और 12वीं कक्षा के होनहार छात्रों को सम्मानित करेंगे, कृषि विभाग के जरिए किसानों को हेलमेट बांटेंगे और ‘लाडली लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभ पहुंचाएंगे।

कार्यक्रम स्थल पर एक ‘आजीविका मेला’ भी आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में सरकारी विभागों और स्वयं-सहायता समूहों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें स्थानीय उत्पाद, आदिवासी हस्तशिल्प, प्राकृतिक और जैविक खेती के तरीके, औषधीय पौधे और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। बयान में कहा गया है कि जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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