हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को राज्य भर में सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम 15 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए कि निविदा और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं 15 दिनों के भीतर पूरी हो जाएं, ताकि मानसून सीजन से पहले उच्च गुणवत्ता वाली मरम्मत हो सके।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज चंडीगढ़ में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे।
सड़कों की हालत पर असंतोष जताते हुए सैनी ने कहा कि पांच जिलों में जिला परिषदों को हस्तांतरित सड़कों की भी मरम्मत निर्धारित समय सीमा के भीतर की जानी चाहिए और इसमें सख्त गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मरम्मत प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान सैनी ने विधानसभा बजट सत्र में की गई अपनी घोषणा को दोहराया कि हरियाणा में छह महीने के भीतर सभी सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को बढ़ते यातायात को देखते हुए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा बनाए गए सड़कों की चौड़ाई 12 फीट से बढ़ाकर 18 फीट करने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी मंडियों के अंदर सड़कों की उचित मरम्मत और रखरखाव पर जोर दिया, ताकि किसानों को अपनी उपज लाने में सुगमता हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा बनाए गए 4,313 सड़कों में से 465 सड़कें पहले से ही 18 फीट चौड़ी हैं। 34 और सड़कों को चौड़ा करने की प्रक्रिया चल रही है, और 118 किलोमीटर की 35 अतिरिक्त सड़कों के लिए निविदाएँ प्रगति पर हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान सैनी ने पिंजौर में सेब मंडी, गुरुग्राम में आगामी फूल मंडी, गन्नौर में भारत अंतर्राष्ट्रीय बागवानी मंडी और अटल किसान मजदूर कैंटीन सहित प्रमुख कृषि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। इन परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों के लिए विपणन सुविधाएं बढ़ाना तथा राज्य में कृषि व्यापार को बढ़ावा देना है।
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