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सीएम सुवेंदु अधिकारी ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी रैकेट को पकड़ने पर पुलिस की सराहना की

CM Suvendu Adhikari commended the police for busting an interstate drug smuggling racket.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी के एक बड़े रैकेट को को पकड़ने पर पुलिस और एजेंसियों की तारीफ की है। सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, “मैं हमारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों की तेज, तालमेल भरी और दृढ़ कार्रवाई की तारीफ करता हूं। एक बड़ी कामयाबी के तौर पर सोमवार रात कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने पुरुलिया जिला पुलिस के साथ मिलकर अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी के एक बड़े रैकेट को पकड़ा।”

मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा, ” एक गुप्त सूचना के आधार पर पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के इलाके में एनएच-18 पर बेलकुरी टोल प्लाजा के पास एक ट्रक को रोका गया। ड्राइवर की सीट के पीछे बनी एक गुप्त जगह से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ (गांजा) बरामद किया गया। ट्रक के साथ ओडिशा से आसनसोल की ओर जा रही दो एस्कॉर्ट गाड़ियों को भी रोका गया और कुल 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है।”

उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार अवैध ड्रग तस्करी और ऐसी किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि के प्रति ‘जीरो-टॉलरेंस'(सख्त) नीति अपनाती है, जो हमारे युवाओं और समाज की सुरक्षा और भलाई के लिए खतरा हैं। मैं अपने पुलिसकर्मियों की लगातार सतर्कता और समर्पण की सराहना करता हूँ। हम सख्ती से आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करना जारी रखेंगे।”

इसके पहले 11 जुलाई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस को निर्देश दिया था कि सभी अवैध शराब और गांजा अड्डों की पहचान कर उन्हें तत्काल ध्वस्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पिछले शासनकाल के दौरान राज्यभर में अवैध शराब और गांजा के अड्डों की संख्या बढ़ी, जिससे कई इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा प्रभावित हुई।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लोगों से भी अपील की थी कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं अवैध शराब या गांजा का अड्डा चल रहा हो तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस थाने को दें।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि बांग्लादेश सीमा से लगे इलाकों में इस तरह की तलाशी और छापेमारी नियमित रूप से की जाती है लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी उसी तरह का अभियान चलाने की जरूरत है। गांवों से भी अवैध शराब और गांजा के अड्डों का पूरी तरह सफाया किया जाना चाहिए, तभी समाज को इस “सामाजिक प्रदूषण” से मुक्ति मिल सकेगी।

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