January 14, 2026
National

एनसीआर में शीतलहर का कहर, न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिरने की संभावना, प्रदूषण भी खतरनाक स्तर पर

Cold wave wreaks havoc in NCR, minimum temperature likely to drop to 4 degrees, pollution also at dangerous levels

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) इन दिनों दोहरी मार झेल रहा है। एक ओर कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, तो दूसरी ओर वायु प्रदूषण भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।मौसम विभाग के अनुसार एनसीआर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है और आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। सुबह और देर रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के मुताबिक 14 जनवरी को दिन का अधिकतम तापमान लगभग 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा सकता है। सुबह के समय शीतलहर की स्थिति बनी रहने की चेतावनी दी गई है। वहीं 15 और 16 जनवरी को भी मौसम साफ रहने के बावजूद मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इन दिनों न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री के बीच रह सकता है।

ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण ने भी हालात और बिगाड़ दिए हैं। दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। चांदनी चौक में एक्यूआई 396, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 387, नेहरू नगर में 418 और जहांगीरपुरी में एक्यूआई 420 तक दर्ज किया गया है। आनंद विहार (359), अशोक विहार (368), बवाना (357), मुंडका (370) और डीटीयू (360) जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी हालात चिंताजनक हैं। सेक्टर-1 नोएडा में एक्यूआई 359, सेक्टर-116 में 354, सेक्टर-125 में 333 और सेक्टर-62 में 332 दर्ज किया गया है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 क्षेत्र में एक्यूआई 384 तक पहुंच गया है। गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में एक्यूआई 407, इंदिरापुरम में 333 और संजय नगर में 323 रिकॉर्ड किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड, कोहरा और हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लंबे समय तक इस तरह के प्रदूषण में रहने से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

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