शनिवार को मंडी जिले में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक के दौरान सरकारी अधिकारियों के प्रति कंगना रनौत के कथित आचरण को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उनकी कड़ी आलोचना की है और उन पर स्थापित प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रशासनिक मुद्दों को हल करने के बजाय अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता और हिमाचल प्रदेश राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा ने कहा कि राज्य के अधिकारियों के प्रति ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी विकास की रीढ़ हैं और उन्हें सार्वजनिक रूप से फटकार लगाने से उनके मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और वे राज्य के विकास के लिए समर्पण भाव से काम करने से हतोत्साहित हो सकते हैं।
शर्मा ने पिछली आपदाओं के दौरान अपने संसदीय क्षेत्र में रनौत की उपस्थिति पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि वह 2023, 2024 और 2025 में मंडी में आपदा की स्थिति के दौरान अनुपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि सांसद अब जिले में अधिकारियों की आलोचना और अपमान करने के लिए आई हैं।
पूर्व पार्षद और एपीएमसी सदस्य दर्शन ठाकुर ने भी कथित व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी विकास प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। ठाकुर ने कहा, “यदि किसी अधिकारी के काम में कोई गड़बड़ी या देरी हुई हो, तो सांसद संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांग सकते थे। बैठक के दौरान अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना ऐसे मुद्दों को सुलझाने का उचित तरीका नहीं है।”
कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने भी भाजपा सांसद पर निशाना साधते हुए उनके निर्वाचन क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था से उनकी अनभिज्ञता पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब रनौत मंडी जिले में ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) की संख्या जैसी बुनियादी जानकारी से भी अनभिज्ञ हैं, तो विकास की प्रभावी निगरानी कैसे की जा सकती है। यह आलोचना रनौत द्वारा DISHA की बैठक में अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत जारी धनराशि के उपयोग में देरी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाने के एक दिन बाद आई है। उन्होंने अधिकारियों से व्यय की गति और विकास कार्यों के कार्यान्वयन पर सवाल उठाए थे।
हालांकि, विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर समेत भाजपा के नेताओं ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से परहेज किया।

