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कांग्रेस पार्टी तुष्‍टीकरण की राजनीति करती है, ओवैसी दूसरे जिन्‍ना बनना चाहते हैं : सुब्रत पाठक

Congress party practices appeasement politics, Owaisi wants to become another Jinnah: Subrata Pathak

10 मई । भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी तुष्‍टीकरण की राजनीति करती है। राहुल गांधी हों या प्रियंका गांधी वाड्रा, इनकी अपनी कोई खासियत या खूबी नहीं है। उन्‍होंने असदुद्दीन ओवैसी द्वारा ‘वंदे मातरम’ पर की गई आपत्तिजनक टिप्‍पणी पर कहा कि वह दूसरे जिन्‍ना बनना चाहते हैं।

पूर्व भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि बहनों और बेटियों को सांसद और विधायक के तौर पर राष्ट्र-निर्माण में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने महिलाओं को ऐसे अवसर नहीं दिए। ये वंशवादी लोग हैं, और ये सत्ता के पदों तक पहुंचते हैं। आज भी, चाहे कांग्रेस में हों या कहीं और, इनका जो भी प्रभाव है, वह इनके पारिवारिक पृष्ठभूमि और कुछ खास राजनीतिक परिवारों के दबदबे की वजह से ही है।

उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी या प्रियंका गांधी हों, इनकी अपनी कोई खासियत या खूबी नहीं है। कुल मिलाकर अगर ये लोग महिलाओं को आरक्षण देंगे तो प्रियंका जैसी महिलाएं कैसे सांसद बन पाएंगी। ये अपने परिवार को बचाने के लिए शायद महिलाओं को पीछे कर रहे हैं। ये तुष्‍टीकरण की राजनीति वाली मानसिकता के लोग हैं।

वहीं, केरल में मुख्‍यमंत्री के चयन को लेकर उन्‍होंने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि वंशवादी व्यवस्थाओं में, सत्ता की संरचनाओं में अक्सर गहरी साजिशें रची जाती हैं। इसके कई ऐतिहासिक उदाहरण हैं, जैसे औरंगजेब का अपने पिता को जेल में डालना और अपने भाइयों को मार डालना। इतिहास में ऐसे कई और उदाहरण भी दर्ज हैं। जब पार्टी अपने अंदरूनी षड्यंत्रों से जूझ रही है तो ये जनता के लिए क्‍या काम करेंगे।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस की अदूरदर्शिता और गलत नीतियों के कारण से हिमाचल प्रदेश में ऐसी स्थिति बन गई है कि सरकारी कर्मचारियों को वेतन भी समय पर नहीं मिल पा रहा है।

भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा “वंदे मातरम” पर की गई टिप्पणियों का भी जवाब दिया। उन्‍होंने कहा कि ये संप्रदाय विशेष की राजनीति करने वाले लोग हैं और उस संप्रदाय में राष्‍ट्र की मान्‍यता ही नहीं है। जिन्‍ना ने देश का विभाजन करा दिया था। ओवैसी दूसरे जिन्‍ना बनने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने देश की आजादी की चेतना जगाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। क्रांतिकारी देश के लिए हंसते और ‘वंदे मातरम’ का गान करते हुए फांसी के फंदे पर लटक गए।

उन्‍होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ वह मंत्र बन गया था, जिसने देश के कण-कण में आजादी के जुनून को फूंक दिया था। उस ‘वंदे मातरम’ का विरोध अगर ओवैसी जैसे लोग करते हैं तो इसका मतलब इनका राष्‍ट्र से जुड़ाव ही नहीं है।

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