10 मई । मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में क्रूज डूबने की घटना की जांच के लिए सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन किया है। यह आयोग तीन महीने के अंदर घटना की विस्तृत जानकारी देगा।
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार को जबलपुर बरगी क्रूज हादसे की जांच के लिए एक पत्र जारी किया। पत्र में कहा गया है कि जबलपुर के बरगी बांध में क्रूज दुर्घटना के कारण जनहानि की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की न्यायिक जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्य जांच आयोग गठित किया गया है।
मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव के अनुसार, न्यायिक आयोग जबलपुर बरगी क्रूज हादसे की बारीकी से जांच करेगा। इसके तहत दुर्घटना के कारणों की जांच करना एवं उत्तरदायित्व का निर्धारण होगा। दुर्घटना के दौरान एवं दुर्घटना के उपरांत बचाव उपायों की पर्याप्तता एवं राहत कार्यों की समीक्षा होगी। राज्य में संचालित सभी नौकाओं, कूज एवं जल क्रीडा गतिविधियों का ऑडिट तथा ‘इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021’ एवं ‘एनडीएमए बोट सेफ्टी गाइडलांइस, 2017’ के अनुरूप जलयानों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था होगी।
साथ ही न्यायिक आयोग यह भी जांच करेगा कि राज्य में क्रूज, नौकाओं एवं जल क्रीडा गतिविधियों के संचालन एवं रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करना होगा। ऐसे सभी स्थानों पर जहां नागरिक जल परिवहन, नौका, कूज एवं जल क्रीडा गतिविधियां संचालित की जा रही है, त्वरित प्रतिक्रिया दल के गठन की व्यवस्था होगी।
साथ ही आयोग इस अधिसूचना के मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीन माह के भीतर अपनी जांच पूरी करेगा और रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा।
बता दें कि बरगी बांध में 30 अप्रैल को एक क्रूज हादसे का शिकार हो गया था, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई। इस मामले को मोहन यादव सरकार ने गंभीरता से लिया था, राज्य स्तरीय जांच दल गठित किया गया है, जिसे 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपना है।
मध्य प्रदेश सरकार के निर्देश पर जांच की रफ्तार तेज हो गई है और जबलपुर के कुछ अधिकारी इस हादसे से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने में लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारियों का एक दल क्रूज संचालन से जुड़े कर्मचारी के अलावा मौके पर मौजूद अन्य लोगों के बयान दर्ज करने में जुटे हुए हैं।

