June 24, 2026
Himachal

पालमपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की जीत; भाजपा को आंतरिक कलह का भारी खामियाजा भुगतना पड़ा

Congress wins Palampur Municipal Corporation elections; BJP suffers heavy losses due to internal strife

पालमपुर नगर निगम चुनाव के परिणामों ने कांग्रेस पार्टी की संगठनात्मक शक्ति और रणनीतिक योजना को उजागर किया है, जबकि भाजपा के भीतर गहरी आंतरिक दरारों और चुनाव प्रचार की कमियों को भी उजागर किया है।

कुल 21,345 वोटों में से कांग्रेस को 11,309 वोट (52.98%) मिले, जबकि भाजपा को 9,595 वोट (लगभग 45%) प्राप्त हुए। शेष वोट निर्दलीय उम्मीदवारों में बंट गए। इस निर्णायक जनादेश ने नवगठित नगर निकाय में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत दिला दिया।

राजनीतिक विश्लेषक भाजपा की हार का कारण व्यापक गुटबाजी, कमजोर चुनाव प्रबंधन और खंडित चुनाव प्रचार को मानते हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना ​​है कि स्थानीय नेतृत्व में दरार ने कई वार्डों में कार्यकर्ताओं को संगठित करने और मतदाताओं तक पहुंचने में गंभीर बाधा डाली। एकीकृत रणनीति के अभाव ने अंततः पार्टी को अपने पारंपरिक जनसमर्थन का लाभ उठाने से रोक दिया।

इन चुनौतियों के बावजूद, वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्य प्रवक्ता त्रिलोक कपूर को गुटीय मतभेदों को पाटने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए अथक प्रयासों के लिए व्यापक रूप से सराहा गया। हालांकि, उनके अकेले प्रयास मतदान के दिन तक जारी आंतरिक मतभेदों को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। इसके अलावा, विश्लेषकों ने पाया कि कई वरिष्ठ भाजपा नेता चुनाव प्रचार में अंतिम चरण में ही शामिल हुए, जिससे पार्टी को महत्वपूर्ण गति नहीं मिल पाई।

इसके विपरीत, कांग्रेस ने सभी 15 वार्डों में बेहद अनुशासित और सुव्यवस्थित अभियान चलाया। इसका श्रेय काफी हद तक स्थानीय विधायक आशीष बुटैल को जाता है, जिन्होंने जमीनी स्तर की रणनीति का नेतृत्व किया और निवासियों के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए रखा। कांग्रेस के अभियान को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भी काफी बल मिला, जिनके दो दिवसीय गहन दौरे और सभी वार्डों में आयोजित जनसभाओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया।

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