October 7, 2026
National Punjab

काउंसलर के पति को पड़ा तमाचा! 25 के हिसाब में छिपा करप्शन?

Councilor’s husband slapped! Corruption hidden in the ’25’ accounts?

चंडीगढ़ नगर निगम की महिला काउंसलर के पति से जुड़ा कथित लेन-देन विवाद चर्चा में चंडीगढ़। चंडीगढ़ में एक दुकान के बाहर कथित लेन-देन को लेकर हुए विवाद ने स्थानीय स्तर पर चर्चाओं को जन्म दिया है। चर्चा है कि विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने चंडीगढ़ नगर निगम की महिला काउंसलर के पति को थप्पड़ मार दिया।

घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, फिलहाल इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, विवाद कथित तौर पर किसी काम के बदले दिए गए पैसों की वापसी को लेकर हुआ। बताया जा रहा है कि पैसों को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई तक पहुंच गई।

25 का हिसाब और 5 की हिस्सेदारी ने बढ़ाया विवाद मौके पर हुई कथित बातचीत में 25 और 5 के आंकड़ों का जिक्र होने की बात कही जा रही है। बताया जाता है कि एक पक्ष 25 की रकम वापस मांग रहा था, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से अपने हिस्से के 5 वापस करने की बात कही गई।

यह भी चर्चा है कि रकम संबंधित व्यक्ति के जरिए दी गई थी। ऐसे में काम पूरा न होने की स्थिति में पैसे वापस करने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया।

इसी दौरान महिला काउंसलर के मौके पर पहुंचने की बात भी कही जा रही है। कथित तौर पर उनका पक्ष था कि संबंधित काम पहले एक बार करवाया जा चुका था और बाद में मामला अटक गया तो इसकी जिम्मेदारी उन पर क्यों डाली जा रही है।

सवाल थप्पड़ से बड़ा है!

अगर मामला केवल पैसों की वापसी का था, तो विवाद इतना बढ़ा कैसे कि थप्पड़ तक की नौबत आ गई?

और अगर मामला गंभीर था, तो पुलिस में शिकायत क्यों नहीं हुई?

पुलिस के बजाय फोन पर कार्रवाई?

घटना के बाद पुलिस को बुलाए जाने की बात सामने नहीं आई है। इसके बजाय एक ठेकेदार को फोन कर कथित तौर पर दबाव बनाए जाने की चर्चा है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। संबंधित काउंसलर, उनके पति और अन्य पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना पूरे मामले की तस्वीर साफ करने के लिए अहम होगा।

असली कहानी क्या है?

इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल थप्पड़ से ज्यादा 25 की रकम और उस रकम के पीछे बताए जा रहे काम को लेकर है।

25 की रकम किस काम के लिए दी गई थी?
5 की हिस्सेदारी का जिक्र क्यों हुआ?
पिछले 15 दिनों से चल रही कथित बातचीत किस मुद्दे पर थी?
आखिर वह काम क्या था, जो पूरा नहीं हो सका?
और सबसे अहम—थप्पड़ की घटना के बाद पुलिस में शिकायत क्यों नहीं हुई?

फिलहाल यह कथित विवाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। रकम का हिसाब, अधूरे काम का सवाल और थप्पड़ की घटना—अब देखना यह है कि असली विवाद क्या था और किसका हिसाब किससे बाकी था।

नोट: इस रिपोर्ट में शामिल दावे स्थानीय चर्चाओं पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष और स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है।

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