राज्य सरकार ने अपने ‘नशा मुक्त हरियाणा’ अभियान के तहत युवाओं को फिटनेस और ऊर्जा प्रदान करने वाले उत्पादों की निगरानी बढ़ा दी है, और निर्माताओं, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और केमिस्टों को लक्षित करते हुए एक राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान चलाया है।
हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 5 अक्टूबर को सभी जिलों में एक साथ निरीक्षण किया, जिसमें 61 प्रतिष्ठानों की जाँच की गई और पोषक तत्वों, प्रोटीन पाउडर और एनर्जी ड्रिंक्स के 73 नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को चंडीगढ़ और करनाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशालाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन बोर्ड (एनएबीएल) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजा गया है।
सरकार ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को संभावित रूप से गुमराह करने वाले दावों से बचाना और फिटनेस और ऊर्जा बढ़ाने के लिए तेजी से इस्तेमाल किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का ‘नशा मुक्त हरियाणा’ अभियान खेलकूद, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का भी प्रयास करता है। युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु राज्य भर में मासिक मैराथन का आयोजन किया जा रहा है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने कहा कि जन स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले व्यवसायों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि नमूना लिए गए उत्पादों से जुड़े मामलों में आगे की कार्रवाई प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्टों पर निर्भर करेगी। विभाग ने नाबालिगों, गर्भवती महिलाओं और अन्य कमजोर समूहों को उचित चिकित्सा या आहार संबंधी सलाह के बिना ऐसे उत्पाद बेचने के खिलाफ भी चेतावनी दी, और कहा कि उल्लंघन करने पर लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।


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