अल फलाह विश्वविद्यालय की पूर्व डॉक्टर और दिल्ली विस्फोट से जुड़े फरीदाबाद के सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल की आरोपी डॉ. शाहीन शाहिद ने कथित तौर पर खुलासा किया है कि उसका मिशन देश में आतंक फैलाने के लिए एक मॉड्यूल बनाना था। उसने इस काम के लिए महिलाओं को भी भर्ती करने की योजना बनाई थी, क्योंकि उन्हें बरगलाना आसान था।
जाँच एजेंसी और पुलिस सूत्रों ने बताया कि कल देर शाम एनआईए द्वारा परिसर में ले जाए जाने के दौरान उसने यह खुलासा किया। जाँच में यह भी पता चला कि डॉ. मुज़म्मिल और डॉ. शाहीन ने खोरी जमालपुर गाँव में शादी की थी, जहाँ मुज़म्मिल ने गाँव के पूर्व सरपंच जुम्मा खान का घर किराए पर लिया था। निकाह में डॉ. उमर समेत लगभग 10-12 लोग मौजूद थे।
एनआईए की टीम उसे गुरुवार को फरीदाबाद लेकर आई, जहाँ उसे पहचान के लिए विश्वविद्यालय ले जाया गया। इससे पहले एजेंसी मुज़म्मिल को पहचान के लिए ला चुकी थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि टीम उसे छात्रावास भवन में ले गई, जहां वह रहती थी और जानकारी एकत्र की, जिसमें यह भी शामिल था कि वह वहां पूरे दिन क्या करती थी, कौन उससे मिलने आता था और वह किन लोगों से नियमित रूप से मिलती थी।
एनआईए उसकी गतिविधियों और संपर्कों की पहचान करने के लिए उसे मेडिकल वार्ड, कक्षा और डॉक्टर के केबिन में भी ले गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एजेंसी ने उन लोगों की एक सूची तैयार की है जिनसे उसने बातचीत की थी और आगे की जाँच में उन्हें भी शामिल किया जा सकता है।
उन्हें कुलपति डॉ. भूपिंदर कौर आनंद के पास भी ले जाया गया, जहां दोनों की आमने-सामने पहचान कराई गई। सूत्रों के अनुसार, टीम उसे नेहरू ग्राउंड स्थित एक रसायन की दुकान पर भी ले गई, जहां मुजम्मिल ने विस्फोटक तैयार करने के लिए रसायन खरीदे थे।


Leave feedback about this