झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र में भ्रूण लिंग जांच के बाद कथित तौर पर अवैध रूप से गर्भपात कराए जाने के दौरान किरण कुमारी नामक एक महिला की मौत हो गई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि गर्भ में बेटी होने की बात सामने आने पर महिला के पति ने जबरन गर्भपात कराने का फैसला लिया था।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति सोनू केवट और श्यामडीह चौक स्थित सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक सचिन केवट को गिरफ्तार कर लिया है। संबंधित जांच केंद्र को सील कर दिया गया है। मृतका के भाई चंद्रिका कुमार ने बताया कि किरण तीन से चार महीने की गर्भवती थी। दंपती की पहले से एक बेटी है।
परिजनों का आरोप है कि दूसरी बार गर्भधारण के बाद पति ने लिंग परीक्षण कराया और जब भ्रूण के कन्या होने का पता चला, तो दबाव बनाकर अवैध गर्भपात कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। आरोप है कि गर्भपात के दौरान किरण को अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लडिंग) हुआ, जिससे उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे संजीवनी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में समय पर डॉक्टर और समुचित चिकित्सीय मदद उपलब्ध नहीं हो सकी थी। कतरास के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजीत कुमार विमल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक पड़ताल में गलत तरीके से गर्भपात कराने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौत होने की बात सामने आई है। मामले के हर पहलू की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की टीम को भी बुलाया गया है।


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