पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार रात बताया कि धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में रैगिंग, यौन उत्पीड़न और 19 वर्षीय छात्रा की मौत के आरोप में एक कॉलेज प्रोफेसर और तीन छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। धर्मशाला पुलिस स्टेशन में कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार और तीन छात्राओं, हर्षिता, आकृति और कोमोलिका के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 115(2) और 3(5) तथा हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पीड़िता के पिता विक्रम कुमार, जो धर्मशाला के सिधबारी निवासी हैं, ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी बेटी पल्लवी (19) धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 सितंबर, 2025 को उसी कॉलेज की तीन छात्राओं, जिनकी पहचान हर्षिता, आकृति और कोमोलिका के रूप में हुई है, ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और उसे डराया-धमकाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार ने पल्लवी के साथ अश्लील हरकतें कीं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि कथित उत्पीड़न और धमकियों के बाद, उसकी बेटी बेहद भयभीत और मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गई, जिससे उसके स्वास्थ्य में गंभीर गिरावट आई। उसने आगे बताया कि उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, इसलिए शुरू में उसे हिमाचल प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया।
इसके बाद पल्लवी को लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 दिसंबर, 2025 को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। विक्रम कुमार ने बताया कि उनकी बेटी लंबे समय तक गंभीर रूप से बीमार और सदमे में रही, इसलिए वे पहले पुलिस को मामले की सूचना नहीं दे सके। उनकी मृत्यु के बाद परिवार भी गहरे सदमे में था, जिसके कारण शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत की जांच और प्रारंभिक पूछताछ के बाद तीनों छात्रों और कॉलेज शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में रैगिंग, शारीरिक उत्पीड़न, धमकी और यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के साथ-साथ उन घटनाओं के क्रम की भी पड़ताल की जाएगी, जिनके कारण कथित तौर पर छात्र का स्वास्थ्य बिगड़ा और उसकी मृत्यु हुई।
उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान पल्लवी के सहपाठियों, शिक्षकों, कॉलेज अधिकारियों और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जाएंगे। पल्लवी का जिन अस्पतालों में इलाज हुआ था, जिनमें लुधियाना स्थित दयानंद मेडिकल कॉलेज भी शामिल है, वहां से चिकित्सा रिकॉर्ड एकत्र किए जा रहे थे ताकि मृत्यु के कारण का पता लगाया जा सके और कथित घटनाओं से किसी भी तरह का संबंध स्थापित किया जा सके।
एसपी अशोक रतन ने कहा कि जांच चल रही है और मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी।


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