भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दिलीप घोष ने पार्टी के संकल्प-पत्र पर तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर से उठाए गए सवालों पर जवाब दिया है। दिलीप घोष ने कहा कि गरीबों और जरूरतमंदों को ध्यान में रखकर भाजपा ने अपने ‘संकल्प-पत्र’ में घोषणाएं की हैं।
भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में महिलाओं और बेरोजगारों को 3000 रुपए मासिक भत्ता देने के वादे को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने नया ‘जुमला’ करार दिया था। इस पर पलटवार करते हुए दिलीप घोष ने कहा, “गरीबों और जरूरतमंदों को हर सरकार कोई न कोई सहयोग करती है। चुनाव के समय उनके भत्ते में कुछ रुपए बढ़ा दिए जाते हैं, लेकिन उन लोगों को इतना मासिक भत्ता मिलना चाहिए कि उनका जीवन सही से चल सके। भाजपा ने इन सभी बातों को सोचकर अपना फैसला लिया है।”
इस दौरान, उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार पूरे देश को चला रही है। 81 करोड़ लोगों को राशन दिया जाता है। आवास से लेकर गैस और शौचालय तक सभी योजनाओं का लाभ जनता को दिया जाता है।” दिलीप घोष ने यह भी कहा कि टीएमसी पार्टी सिर्फ वोट खरीदने के लिए कुछ घोषणाएं करती है। तृणमूल सरकार को महिलाओं की याद भी सिर्फ चुनाव के समय आती है।
वहीं, हुमायूं कबीर और बाबरी मस्जिद के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर उन्होंने कहा, “जिस बात पर इतनी चर्चा हो रही थी, केंद्रीय गृह मंत्री ने हुमायूं कबीर वाला मामल बिल्कुल साफ कर दिया है।” उन्होंने कहा, “बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दे सिर्फ लोगों को रिझाने का एक फंडा था। हुमायूं कबीर का एजेंडा सिर्फ इस मुद्दे को उठाकर अपना नाम कमाना और ममता बनर्जी के साथ सौदेबाजी करना था। अब यह मुद्दा चुनाव में चलने वाला नहीं है।”
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों से पहले ‘बाबरी’ नाम से मस्जिद की नींव रखी। इस फैसले के कारण विधायक हुमायूं कबीर को टीएमसी ने पार्टी से अलग किया था। हालांकि, बाद में हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी बनाई, जो विधानसभा चुनाव लड़ रही है।

