N1Live National ममता बनर्जी के धरने पर दिलीप घोष बोले- वे सिर्फ ‘धरना सीएम’, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पर भी दिया जवाब
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ममता बनर्जी के धरने पर दिलीप घोष बोले- वे सिर्फ ‘धरना सीएम’, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पर भी दिया जवाब

Dilip Ghosh said on Mamata Banerjee's sit-in protest that she is just a 'dharna CM', and also responded to the discussion about Nitish Kumar going to Rajya Sabha.

5 मार्च । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरना-प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दिलीप घोष ने कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सिर्फ धरना-प्रदर्शन वाली मुख्यमंत्री हैं। अब उनके सत्ता से बाहर जाने का समय आ चुका है।

दिलीप घोष ने कहा, “मुख्यमंत्री ने जीवनभर धरना ही किया है। बंगाल में 15 साल बीत गए हैं, लोगों को कुछ नहीं मिला। कम से कम उन्हें उतना तो मिलना चाहिए था जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से यहां के लोगों के लिए भेज रहे हैं, तो ये लोग उनका धन्यवाद करते। ममता बनर्जी ने यह सब नहीं किया। वे सिर्फ धरना मुख्यमंत्री हैं।”

पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “कानून व्यवस्था ममता बनर्जी के हाथ में थी, लेकिन वे इसे ठीक नहीं कर पाईं।”

बंगाल चुनाव में सीपीएम के प्रभाव को लेकर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी कांग्रेस और सीपीएम को वोट काटने वाली पार्टियों के तौर पर इस्तेमाल करेंगी। पहले सीपीएम का दफ्तर नहीं खुलता था, लेकिन चुनाव नजदीक आने पर उसे खोला जा रहा है। दिलीप घोष ने यह भी कहा कि टीएमसी की ओर से सीपीएम के नेताओं को चाय पीने के लिए पैसे दिए जाते हैं।

कांग्रेस के प्रदर्शन पर दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी को इसी हाल से 12 साल हो चुके हैं। बिहार में कांग्रेस को दूरबीन से ढूंढना पड़ता है। बंगाल में ढूंढने से भी उनके समर्थक नहीं मिलते हैं। इसलिए कांग्रेस को अपने संगठन की ओर देखना चाहिए। देश की हर बात पर प्रदर्शन को भी जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

नेपाल में चुनावों पर दिलीप घोष ने कहा कि हमारे पड़ोसी देशों में कई साल से उठापटक चल रही है, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था पर प्रभावित हुई है और लोगों के जीवन पर भी असर पड़ा है। बांग्लादेश में चुनाव के बाद नई सरकार बनी और अब स्थिरता आ रही है। इसी तरह नेपाल में भी स्थायी सरकार बननी चाहिए, इस बारे में वहां के लोग समझ चुके हैं। उन्होंने नेपाल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अच्छी सरकार चुनकर अपने भविष्य को सही करें।

दिलीप घोष ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों पर कहा, “वे बहुत वरिष्ठ नेता हैं और पहले भी संसद में रहे हैं। लोकसभा के बाद वे प्रदेश की राजनीति में आए और इतने सालों तक मुख्यमंत्री भी रहे। अगर उनका अनुभव केंद्र सरकार चाहती है, तो उन्हें भेजना चाहिए।”

बिहार में नए मुख्यमंत्री की घोषणा की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि अभी इंतजार किया जा रहा है कि किसको नेतृत्व दिया जाएगा।

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