September 19, 2026
Entertainment

ऑस्कर में ‘गोंधल’ की एंट्री पर डायरेक्टर संतोष दावखर बोले, पता नहीं था लोगों को पसंद आएगी या नहीं

फिल्ममेकर संतोष दावखर की ‘गोंधल’ को 2027 के ऑस्कर अवॉर्ड्स की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है। फिल्ममेकर ने बताया कि फिल्म बनाते वक्त उनका मुख्य मकसद भारतीय संस्कृति और विरासत को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने सिनेमाई अंदाज में पेश करना था।

महाराष्ट्र के ग्रामीण परिवेश पर आधारित थ्रिलर फिल्म गोंधल नवविवाहित महिला सुमन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी शादी से खुश नहीं है। संतोष दावखर ने आईएएनएस के साथ बातचीत में फिल्म को लेकर अपने नजरिए पर बात की और बताया कि शुरुआत में उन्हें इस बात को लेकर यकीन नहीं था कि दर्शक इसे कैसे लेंगे। मेरी पहली प्रायोरिटी यह थी कि मुझे यह फिल्म इंटरनेशनल लेवल पर बनानी है।”

मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को कान्स समेत कई फिल्म फेस्टिवल में चुना जा चुका है। फिल्ममेकर का कहना है कि उन्होंने भारतीय सिनेमा के बारे में एक ऐसी सोच देखी जो अक्सर गरीबी और जातिवाद जैसे थीम पर फोकस करती थी। उन्होंने कहा, “जब मैं कान्स और दूसरे इंटरनेशनल फेस्टिवल्स में था, तब मुझे इंडियन फिल्मों के रिप्रजेंटेशन के बारे में पता चला और लोग कैसे सोचते हैं कि यहां की फिल्में गरीबी और जातिवाद के बारे में होती हैं और भारत में यह जरूरी मुद्दा है। इसके अलावा भारत की एक रिच विरासत है, गर्व करने वाला कल्चर भी है और मैं उस कल्चर को सिनेमैटिक तरीके से दिखाना चाहता था।”

उन्होंने बताया कि फिल्म बनाते समय उन्होंने इंटरनेशनल सिनेमा और स्क्रीनराइटिंग की बहुत स्टडी की थी। उन्होंने कहा, “जब मैं कान्स में था, तो मैं दिन में तीन-चार फिल्में देखता था। 15 दिनों में, मैंने 40 से ज्यादा फिल्में देखी हैं और अगर आप एक इंटरनेशनल फिल्म बनाना चाहते हैं तो आपकी मेकिंग भी उसी के हिसाब से होनी चाहिए।”

संतोष दावखर ने आगे बताया कि स्क्रीनप्ले पर भी काफी रिसर्च की गई, जिसका मकसद एक थ्रिलर मिस्ट्री को आसान और आसान तरीके से पेश करना था। उन्होंने कहा, “मैंने इस पर बहुत रिसर्च की, स्क्रीनप्ले पर भी बहुत रिसर्च की है और मैंने लोगों को बहुत ही आसान तरीके से एक थ्रिलर मिस्ट्री दी है। इसके साथ ही, मैंने रीति-रिवाजों की रिचनेस भी दी है।”

फिल्म गोंधल में मिस्ट्री और थ्रिलर एलिमेंट्स को इंडियन रीति-रिवाजों और कल्चरल ट्रेडिशन की रिचनेस के साथ मिलाया गया है। फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर, अनुज प्रभु, सुरेश विश्वकर्मा और विट्ठल काले हैं।

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