N1Live Punjab डॉक्टर की तलाकशुदा बहू ने जगराओं अस्पताल में डकैती की साजिश रची; पांच गिरफ्तार
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डॉक्टर की तलाकशुदा बहू ने जगराओं अस्पताल में डकैती की साजिश रची; पांच गिरफ्तार

Doctor's divorced daughter-in-law hatched a plot to rob a Jagraon hospital; five arrested.

लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने 23 जुलाई को जगराओं के रायकोट रोड स्थित चोपड़ा अस्पताल में हुई लूट का मामला सुलझा लिया है। इस अपराध की साजिश पीड़ित डॉक्टर की पूर्व बहू ने रची थी और एक अन्य महिला ने भी इसमें भूमिका निभाई थी। पुलिस ने अब तक कुल पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक दंपत्ति और उनकी बेटी पवनप्रीत कौर भी शामिल हैं, जिन्होंने इस अपराध को अंजाम दिया था।

एसएसपी अंकुर गुप्ता ने बताया कि पवनप्रीत कौर लीला मेघ सिंह गांव की निवासी है। जांच में पता चला है कि उसने ही पूरी डकैती को अंजाम दिया था।

पुलिस जांच के अनुसार, शिकायतकर्ता डॉ. विजय चोपड़ा का एक तलाकशुदा बेटा था। उनकी पूर्व बहू ने अस्पताल के संचालन, नकदी और आभूषणों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पवनप्रीत कौर को दी। इसी जानकारी के आधार पर पवनप्रीत ने डकैती को अंजाम दिया। पुलिस अब शिकायतकर्ता की पूर्व बहू को मामले में नामजद करके गिरफ्तार करने की कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार किए गए अन्य चार संदिग्धों की पहचान राहुल सिंह, आकाशदीप सिंह उर्फ ​​आकाश, बींत कौर और उनके पति बलवंत सिंह के रूप में हुई है, ये सभी सिधवां बेट के निवासी हैं। पवनदीप कौर, बींत कौर और बलवंत की बेटी हैं। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई जीप और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।

हालांकि, डकैती में शामिल पांच अन्य संदिग्ध अभी भी फरार हैं और पुलिस टीमें उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही हैं। 23 जुलाई को कुछ अपराधी मरीज बनकर चोपड़ा अस्पताल में घुस गए। उन्होंने डॉ. चोपड़ा और उनकी पत्नी को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया। इसके बाद वे लाखों रुपये की नकदी, सोने की अंगूठियां और मोबाइल फोन लूट ले गए।

अपराध की योजना बनाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया एसएसपी अंकुर गुप्ता ने बताया कि आरोपियों ने लूट की योजना बनाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप में अपराध की योजना पर चर्चा हुई और लूट को अंजाम देने के तरीकों पर भी बातचीत हुई। पुलिस ने चैट से तकनीकी सबूत जुटाए हैं, जिन्हें अदालत में अहम सबूत के तौर पर पेश किया जा सकता है। लूट को अंजाम देने वाली पवनप्रीत कौर ने अपने माता-पिता और छोटे भाई को भी इस अपराध में शामिल किया था। पवनप्रीत कौर के पिता बलवंत सिंह, छोटा भाई हैरी और मां पुराने सरकारी अस्पताल के पास एक जीप के साथ खड़े थे, जबकि अन्य आरोपी एक चोरी की बाइक पर अस्पताल पहुंचे, जो घटना के समय वहीं खड़ी थी। इसके बाद आरोपी जीप में बैठकर मौके से फरार हो गए। पवनप्रीत कौर के खिलाफ एसएएस नगर के अलग-अलग पुलिस थानों में लूट समेत दो मामले पहले ही दर्ज हो चुके हैं।

पवनप्रीत ने मरीज बनकर रेकी की। डॉक्टर विजय चोपड़ा की पूर्व बहू ने अस्पताल और घर के बारे में अपराधियों के साथी को पूरी जानकारी दी। इसके बाद पवनप्रीत कौर ने पहले कई दिनों तक दवा लेने के बहाने मरीज बनकर अस्पताल का दौरा किया और रेकी करती रही। इस दौरान उसने अस्पताल के खुलने का समय, पास के बाजार के खुलने का समय, डॉक्टर की दिनचर्या और घटना के बाद भागने के संभावित रास्तों के बारे में पूरी जानकारी जुटा ली। फिर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई। योजना के अनुसार, महिला और अन्य लोग पहले मरीज बनकर दवा लेने अस्पताल गए और फिर गुरुवार की सुबह, अपराध को अंजाम देने के इरादे से, कुछ संदिग्ध चोरी की बाइक पर उस स्थान पर पहुंचे, जहां उन्होंने ग्लूकोज देते समय डॉक्टर को गुमराह किया और डकैती को अंजाम दिया।

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