N1Live Entertainment ‘अपनी जड़ों को मत भूलो’, ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के सात साल पूरे होने पर भावुक हुए आदित्य धर
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‘अपनी जड़ों को मत भूलो’, ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के सात साल पूरे होने पर भावुक हुए आदित्य धर

'Don't forget your roots', Aditya Dhar gets emotional as 'Uri: The Surgical Strike' completes seven years

दिल्ली से बड़े सपने और ख्वाहिशें लेकर आए आदित्य धर आज बॉलीवुड सिनेमा का प्रारूप बदल चुके हैं। डायरेक्टर ने हिंदी सिनेमा को देशभक्ति से भरी ऐसी फिल्में दी हैं, जिन्हें भूल पाना दर्शकों के लिए नामुमकिन है। आदित्य की फिल्म ‘धुरंधर’ बीते एक महीने से बॉक्स ऑफिस पर राज कर रही है और कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है, लेकिन इस सफलता की नींव आदित्य ने सात साल पहले रख दी थी, जब उनकी फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी।

‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ से आदित्य धर ने बतौर डायरेक्टर बॉलीवुड में पहला बड़ा कदम रखा था। अभिनेता काफी समय से दूसरी फिल्मों की स्क्रिप्टिंग और गाने लिख रहे थे, लेकिन पहली बार आज से सात साल पहले उन्होंने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ बनाने का फैसला लिया। फिल्म बनाने में कई मुश्किलें आ रही थीं, लेकिन आदित्य ने हार नहीं मानी और आज बॉलीवुड पर राज कर रहे हैं।

‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ से आदित्य का गहरा नाता है, और अब सात साल पूरे होने पर वे काफी इमोशनल लगे। डायरेक्टर ने सोशल मीडिया पर अपनी फिल्म को लेकर काफी कुछ लिखा है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, “एक ऐसा दिन जिसने मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। मेरी पहली फिल्म, ‘उरी,’ उस दिन रिलीज हुई थी। मैंने उस पल का लंबे समय से इंतजार किया था। मेरा सपना आखिरकार सच हो गया। इरादा शुरू से ही स्पष्ट था कि एक ऐसी साहसी, दमदार फिल्म बनाना जो हमारे सिनेमा में एक नए युग की शुरुआत कर सके और एक भारतीय कहानी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रस्तुत करना।”

उन्होंने लिखा, “मैं अक्सर खुद को याद दिलाता हूं कि मुझे कभी नहीं भूलना चाहिए कि यह सब कहां से शुरू हुआ था। शुरुआत आपको जमीन से जोड़े रखती है और आगे बढ़ने की ललक बनाए रखती है। फिल्म निर्माण एक कठिन, चुनौतीपूर्ण सफर है, जो संदेह और लंबी रातों से भरा होता है, लेकिन जब दर्शक आते हैं और आपके संघर्ष को अपनाते हैं, तो अचानक सब कुछ सार्थक लगने लगता है।”

आदित्य ने अजय देवगन की फिल्म ‘आक्रोश’ के लिए डायलॉग्स लिखे थे। उन्होंने फिल्म ‘काबुल एक्सप्रेस’ के गाने ‘काबुल फिजा’, ‘कह रहा मेरा दिल’, ‘ये मैं आया कहां हूं’ और कई अन्य गाने लिखे। उन्होंने अपनी फिल्म ‘धूमधाम’, ‘आर्टिकल 370’, और ‘धुरंधर’ की स्क्रिप्ट भी खुद ही लिखी है।

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