N1Live Entertainment ऋतिक रोशन से प्रेरणा लेकर निभाया ‘गुल्लक-5’ में डॉ. पृथ्वी का किरदार : सिद्धार्थ मिश्रा
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ऋतिक रोशन से प्रेरणा लेकर निभाया ‘गुल्लक-5’ में डॉ. पृथ्वी का किरदार : सिद्धार्थ मिश्रा

Drew inspiration from Hrithik Roshan to play the role of Dr. Prithvi in ​​'Gullak-5': Siddharth Mishra

अभिनेता सिद्धार्थ मिश्रा टीवीएफ की लोकप्रिय वेब सीरीज ‘गुल्लक -5’ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। इस सीजन में उन्होंने डॉ. पृथ्वी दत्ता की भूमिका निभाई है, जिसे दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। डॉ. पृथ्वी दत्ता की भूमिका को लेकर अभिनेता ने बताया कि निर्देशक अभय राउत ने उन्हें इस किरदार को निभाने के लिए फिल्म ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ में ऋतिक रोशन के किरदार से प्रेरणा (सीख) लेने की सलाह दी थी। सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा, “निर्देशक अभय राउत ने मुझे इस किरदार को निभाने के लिए बहुत आसान निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ में ऋतिक रोशन के किरदार के अंदाज और व्यक्तित्व से प्रेरणा लेना, लेकिन उसकी नकल बिल्कुल नहीं करनी है।

अभिनेता ने कहा, “डॉ. पृथ्वी दत्ता अपने काम को लेकर बेहद गंभीर और हमेशा नंबर 1 बनने की कोशिश करता है, लेकिन अपनी इसी महत्वांकाक्षा का असर उनकी निजी जिंदगी पर भी पड़ता है, जैसा कि ‘गुल्लक 5’ के आखिरी एपिसोड में देखने को मिलता है।”

एक्टर ने बताया कि कई स्क्रिप्ट-रीडिंग सेशन ने उन्हें लिखे हुए सीन से आगे डॉ. पृथ्वी की पर्सनैलिटी को समझने में मदद की। उन्होंने कहा, “कई बार स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद समझ में आया कि मेरा किरदार साफ-सफाई और सेहत को लेकर काफी सजग है। इस वजह से पहले सीन में अनु (अनंत जोशी द्वारा निभाया गया किरदार) से बात करते हुए मेरा डायलॉग आता है, ‘यार, हाथ तो धो लिए हैं, लंच के बाद ही हाथ मिलाते हैं।’

अभिनेता ने बताया कि उन्होंने अपने किरदार की इसी खासियत को आजमाते हुए एक लाइन जोड़ी, जो स्क्रिप्ट में नहीं थी। उन्होंने बताया, “मैंने जोड़ा था कि पृथ्वी, डॉ. प्रीति के केबिन का दरवाजा हाथ से नहीं बल्कि अपनी कोहनी से खोलता है, ताकि उसे कीटाणु न लगें। वह इसी अंदाज और सोच के साथ केबिन में आता है और पूरे सीन में यह बात नजर आती है। वहीं, पृथ्वी और डॉ. प्रीति एक-दूसरे से अलग होते हैं। पृथ्वी अपनी फिटनेस और सेहत को लेकर इतना सजग है, तो डॉ. प्रीति छोले-भटूरे और समोसे देखकर खुश हो जाती हैं।”

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