पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग (पीएसएचआरसी) ने राज्य भर के प्रशासनिक परिसरों में अपनी कोर कमेटी के जिला स्तरीय कार्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है, पैनल के सदस्य जितेंद्र सिंह शुंटी ने रविवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा कि आयोग ने सभी उपायुक्तों से कार्यालयों की सुविधा के लिए उपयुक्त स्थान आवंटित करने का अनुरोध किया है।
आलमगीर मार्केट में मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुंटी ने कहा कि राज्य जिला स्तर पर मानवाधिकार आयोग की उपस्थिति वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से नागरिकों को अपने-अपने जिलों में ही अपनी शिकायतों का निवारण करने में मदद मिलेगी और चंडीगढ़ जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
शुंटी ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा करना केवल एक कानूनी दायित्व नहीं बल्कि एक सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने आगे कहा कि सभी को समानता, न्याय और गरिमा का अधिकार है और आयोग का प्राथमिक उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग अपने कामकाज को अधिक पारदर्शी, सुलभ और जन-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि आयोग ने राज्य में फर्जी वीजा और आव्रजन संचालकों के खिलाफ एक विशेष पहल शुरू की है। उनके अनुसार, आव्रजन धोखाधड़ी से संबंधित लगभग 450 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से कई में भारी वित्तीय नुकसान शामिल है।


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