मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जलम भारद्वाज ने बुधवार को चंबा में टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चल रहे 100 दिवसीय अभियान को गंभीरता से लें और टीबी के संदिग्ध मरीजों की पहचान करने के लिए घर-घर जाकर जांच करें। उन्होंने यह भी कहा कि टीबी के लक्षण दिखाने वाले व्यक्तियों की जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। बैठक में जिले में टीबी उन्मूलन से संबंधित चल रही गतिविधियों की समीक्षा की गई और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
डॉ. भारद्वाज ने संबंधित अधिकारियों को टीबी रोगियों के लिए समय पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनके उपचार की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया ताकि वे पूरी तरह से स्वस्थ हो सकें। उन्होंने टीबी के बारे में जनता को शिक्षित करने और उन्हें शीघ्र निदान और उपचार कराने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु जागरूकता अभियान तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिले में चल रहे 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की गई। इस अभियान का उद्देश्य टीबी के संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान करना और उनका तुरंत इलाज सुनिश्चित करना है ताकि बीमारी के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। जिला टीबी अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने अभियान के बारे में अद्यतन जानकारी दी। बैठक में स्वास्थ्य ब्लॉक अधिकारी और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के कर्मचारी उपस्थित थे।


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