6 अप्रैल । झारखंड के रामगढ़ जिले में कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के विरुद्ध पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ जारी है। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
एसपी अजय कुमार के मुताबिक, पतरातू और कुजू क्षेत्र में लंबे समय से अपराधी गिरोह सक्रिय थे जो व्यापारियों और माइनिंग कंस्ट्रक्शन साइट्स से लेवी वसूली व रंगदारी के जरिए लोगों में दहशत फैला रहे थे। पुलिस पहले से ही इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही थी। एक दिन पहले ही राहुल दुबे गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से दो पिस्टल, चार जिंदा गोलियां और अन्य सामान बरामद हुआ था।
इसी कड़ी में अपराध पर लगाम लगाने के लिए एसपी अजय कुमार के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया, जो लगातार इलाके में छापेमारी और एंटी क्राइम चेकिंग चला रही थी। बीती रात करीब 8 से 9 बजे के बीच सूचना मिली कि बासन थाना क्षेत्र के बलफुदरा माइंस के आसपास कुछ संदिग्ध युवक घूम रहे हैं और किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। इस इनपुट के बाद पुलिस और सतर्क हो गई और कई जगहों पर जांच अभियान तेज कर दिया गया।
इसी दौरान एसआईटी को एक और अहम सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग बुरकुंडा थाना क्षेत्र में घूम रहे हैं और किसी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई और बुरकुंडा के दोमुहान शिव मंदिर के पास पहुंची। जैसे ही पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची, अपराधियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि पुलिस टीम बाल-बाल बच गई और तुरंत जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। बाद में उसकी पहचान सनी सिंह के रूप में हुई, जो राहुल दुबे गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, सनी सिंह लंबे समय से इस गिरोह के लिए काम कर रहा था और व्यापारियों व कंस्ट्रक्शन साइट्स से रंगदारी वसूलने के साथ-साथ उन्हें धमकाने का काम करता था। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के निर्देश पर गठित एसआईटी को गुप्त सूचना मिली थी कि गिरोह का सदस्य सनी सिंह भुरकुंडा के दुमुहाना मंदिर के समीप किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
जानकारी के मुताबिक, सनी सिंह अक्टूबर 2025 में जेल से छूटा था, लेकिन बाहर आने के बाद भी उसने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा और लगातार गिरोह के साथ जुड़ा रहा। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।


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