July 25, 2026
National

2047 के विकसित भारत में महिलाओं की बराबर भागीदारी जरूरी : मीनाक्षी लेखी

Equal participation of women essential for a developed India by 2047: Meenakshi Lekhi

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के मातृत्व, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक मूल्यों पर दिए गए संबोधन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद कंगना रनौत और वरिष्ठ नेता मीनाक्षी लेखी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। दोनों नेताओं ने महिलाओं की भूमिका को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी बराबर की भागीदारी आवश्यक है। मीनाक्षी लेखी ने सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने का भी स्वागत किया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, “मोहन भागवत ने भारतीय परंपरा, सांस्कृतिक ज्ञान और मातृत्व की भावना को आधुनिक समय के अनुरूप समझाने का प्रयास किया। परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है और यदि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है तो देश की आधी आबादी यानी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।”

मीनाक्षी लेखी ने कहा, “महिलाओं से केवल जिम्मेदारियों की अपेक्षा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पूरा सहयोग और समान अवसर भी दिए जाने चाहिए। परिवार के भीतर घरेलू जिम्मेदारियों का संतुलित बंटवारा होना चाहिए, ताकि महिलाओं को अपने व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के लिए पर्याप्त समय मिल सके।”

उन्होंने कहा, “भारतीय संस्कृति में महिलाओं और पुरुषों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं माना गया है। भारतीय दर्शन के अनुसार आत्मा सभी में समान है और समाज तभी आगे बढ़ सकता है, जब दोनों समान रूप से राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। महिला सशक्तीकरण केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है।”

मीनाक्षी लेखी ने यह भी कहा कि महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने समाज से महिलाओं के प्रति सहयोग और सम्मान का भाव रखने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल परिवार मजबूत होंगे, बल्कि देश भी तेजी से विकास की ओर बढ़ेगा।

सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए मीनाक्षी लेखी ने इसका स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि संवाद के माध्यम से छात्रों और सरकार के बीच चल रहे मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा और सभी पक्ष मिलकर सकारात्मक रास्ता अपनाएंगे।

वहीं, भाजपा सांसद कंगना रनौत ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “कार्यक्रम में महिलाओं की बदलती भूमिका और आधुनिक समय की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और कई महत्वपूर्ण सवाल भी उठाए। मोहन भागवत ने इन सभी विषयों पर अपने विचार रखते हुए महिलाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन दिया।”

उन्होंने कहा, “आज के समय में महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में उन्हें सही अवसर, सहयोग और मार्गदर्शन मिलना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में महिलाओं के आत्मविश्वास, परिवार और समाज में उनकी जिम्मेदारियों और बदलते सामाजिक परिवेश पर सार्थक चर्चा हुई।”

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