राष्ट्रीय पूर्व सैनिक (सेना डाक सेवा) कल्याण संघ की वार्षिक आम सभा रविवार को अंबाला छावनी में आयोजित की गई। पूर्व सूबेदार मेजर देश राज शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से संघ के लगभग 100 सदस्यों ने भाग लिया।
एसोसिएशन के महासचिव, पूर्व सूबेदार आत्मा सिंह ने बताया कि बैठक में सदस्यों के कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों और केंद्र सरकार के खिलाफ अदालतों में लंबित मामलों में पिछले एक साल में हुई प्रगति पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार अदालतों में मामले दर्ज किए बिना लाभ नहीं देती। इस वजह से पूर्व सैनिकों को अपने अधिकार पाने के लिए अदालतों में अनावश्यक मामले दर्ज करने पड़ते हैं।
महासचिव ने कहा कि सेना डाक सेवा (एपीएस) के सैनिकों की विधवाओं को न तो सेना कैंटीन (सीएसडी कैंटीन) से सामान खरीदने के लिए स्मार्ट कार्ड जारी किए जा रहे हैं और न ही उन्हें पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत इलाज की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एपीएस के पूर्व सैनिकों को भी ईसीएचएस के लाभ प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। इसके लिए यह तर्क दिया जा रहा है कि एपीएस के पूर्व सैनिकों को सिविल अनुमानों से पेंशन मिलती है; इसलिए, ये सुविधाएं उन्हें नहीं दी जा सकतीं, भले ही एपीएस के पूर्व सैनिकों को पूर्व सैनिक का पूर्ण दर्जा प्राप्त हो।
सिंह ने कहा, “सरकार को सभी मांगें पूरी करनी चाहिए और पूर्व सैनिकों को सभी उचित लाभ मिलने चाहिए। अदालतों में लंबित मामलों को आगे बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है कि सभी पूर्व सैनिकों को सभी लाभ मिलें।”


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