5 मई । जम्मू-कश्मीर में फर्जीवाड़े और अवैध नियुक्तियों के लंबित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने स्वास्थ्य विभाग के एक सरकारी कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच जम्मू के अधिकारियों के मुताबिक, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। यह गिरफ्तारी वर्ष 2017 में दर्ज एफआईआर के तहत की गई है। यह मामला पहले पुलिस स्टेशन क्राइम ब्रांच कश्मीर में दर्ज था, जिसे अब ईओडब्ल्यू कश्मीर के रूप में नामित किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान श्रीनगर के टंकीपोरा, शहीद गंज निवासी शहनवाज अहमद मीर के रूप में हुई है, जो स्वास्थ्य विभाग में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब कश्मीर के डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज की ओर से एक शिकायत मिली। इसमें बताया गया था कि बडगाम के मझामा निवासी बशीर अहमद सोफी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए हेल्थ एजुकेटर के पद पर नियुक्ति हासिल की थी। आरोप है कि उसने नकली ट्रांसफर ऑर्डर और फर्जी ‘लास्ट पे सर्टिफिकेट’ प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी पाई।
जांच में सामने आया कि बशीर अहमद सोफी ने बारामुला के ब्लॉक शीरी में अवैध रूप से नौकरी हासिल की और लंबे समय तक वेतन भी लिया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इसी जांच के दौरान शहनवाज अहमद मीर की भूमिका भी उजागर हुई, जिसे इस पूरे फर्जीवाड़े में सहयोगी या कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि शहनवाज एक आदतन आरोपी है और इस तरह के कई मामलों में उसकी संलिप्तता पहले भी सामने आ चुकी है। कुछ मामलों में जांच जारी है, जबकि कुछ में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

