September 14, 2026
Punjab

भगवंत मान सरकार द्वारा लिखित भरोसे के बाद किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर चल रहा धरना समाप्त किया

Farmers called off the ongoing protest at the Chandigarh-Mohali border following a written assurance from the Bhagwant Mann government.

अनिल भारद्वाज

चंडीगढ़ 7 सितंबर | मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों की मुख्य मांगें मंजूर करते हुए दिए गए लिखित भरोसे के बाद चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर धरना दे रहे किसानों ने सोमवार शाम अपना संघर्ष समाप्त कर दिया। कृषि मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसान प्रतिनिधियों को सरकार की ओर से दिया गया लिखित भरोसा सौंपा।

लिखित समझौते के अनुसार पंजाब सरकार एक महीने के भीतर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी, जिसमें अहम मुद्दों से संबंधित प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। इनमें दशकों पुराने गैर-संवैधानिक जल बंटवारा समझौतों पर दोबारा विचार करने की मांग, पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धाराओं 78, 79 और 80 को रद्द करके राज्य के रिपेरियन अधिकार बहाल करने, डैम सेफ्टी एक्ट को रद्द करने और सीड बिल, 2025 को वापस लेने की मांग शामिल है।

किसानों के कल्याण के लिए भगवंत मान सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कृषि मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पंजाब सरकार बातचीत और आपसी समझ के माध्यम से मुद्दों के समाधान में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार अपने अन्नदाताओं के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम बातचीत के माध्यम से मुद्दों का समाधान करने में विश्वास रखते हैं और किसानों की जायज मांगों को पूरी पारदर्शिता के साथ लिखित रूप में मंजूर किया है।”

किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए कृषि मंत्री ने बकाया ऋणों के लिए वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) नीति तैयार करने का भी ऐलान किया। यह नीति विशेष रूप से सहकारी बैंकों, जिनमें पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक और सहकारी सभाएं शामिल हैं, से लिए गए ऋणों के लिए तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ सलाह-मशविरा करके एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो ओटीएस नीति तैयार करेगी और यह नीति किसानों पर कर्ज के बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।

गन्ने के भाव के मुद्दे पर स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने स्पष्ट किया कि पंजाब देश में किसानों को गन्ने का सबसे अधिक भाव देना जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि गन्ने का भाव तय करने संबंधी फाइल सोमवार को ही पेश करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया में बिना किसी देरी के शुरुआत की जा सके।

कृषि मंत्री ने आगे कहा कि निजी चीनी मिलों की ओर किसानों के बकाया भुगतानों की समयबद्ध तरीके से अदायगी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारी चीनी मिलों में पहले से लागू ‘एक विंडो, एक भुगतान’ प्रणाली को निजी चीनी मिलों तक भी बढ़ाया जाएगा।

किसान यूनियनों की बाकी मांगों के संबंध में स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भरोसा दिया कि पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और किसान यूनियनों द्वारा नामित प्रतिनिधियों पर आधारित संयुक्त कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी लंबित मामलों की जांच करके उनके जल्द और प्रभावी समाधान के लिए काम करेगी।

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