July 11, 2026
National

फारूक अब्दुल्ला और उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर को फिर पुराने दौर में ले जाना चाहती है : तरुण चुघ

Farooq Abdullah and his party want to take Jammu and Kashmir back to the old era: Tarun Chugh

11 जुलाई । भाजपा राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का भविष्य अब विकास, पर्यटन, लोकतंत्र, विश्वास और राष्ट्रीय एकता से जुड़ा है, न कि अलगाववाद की पुरानी राजनीति से। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि फारूक अब्दुल्ला और उनकी पार्टी आज भी जम्मू-कश्मीर के असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

तरुण चुघ ने कहा, “फारूक अब्दुल्ला और उनका पूरा समूह पुराने और असफल एजेंडे को फिर से सामने लाना चाहता है, लेकिन जिस अनुच्छेद 370 को देश की संसद और सर्वोच्च न्यायालय दोनों खारिज कर चुके हैं, उसकी जमीनी स्तर पर कोई मांग नहीं है।”

तरुण चुघ ने दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास की नई कहानी लिखी गई है। पर्यटन नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है और उपराज्यपाल (एलजी) के नेतृत्व में हर हाथ को काम देने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने वादों का हिसाब देने के बजाय फारूक अब्दुल्ला जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर को फिर से अलगाववाद और पत्थरबाजी के दौर में लौटाने की हर कोशिश का पुरजोर विरोध करती है। प्रदेश की जनता शांति, निवेश और रोजगार चाहती है, लेकिन कुछ लोग नए-नए आंदोलनों के जरिए वहां के विकास, शांति और पर्यटन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भगवान मेरे जम्मू-कश्मीर को ऐसी नजरों से बचाए।”

तरुण चुघ ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी कांग्रेस हाईकमान और भूपेश बघेल से केवल एक अपील है। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कांग्रेस के ही कुछ नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे पार्टी के अनुसूचित जाति वर्ग के कार्यकर्ताओं के साथ जाति के आधार पर भेदभाव कर रहे हैं और उन्हें पीछे धकेला जा रहा है।

तरुण चुघ ने कहा कि अब तक न तो भूपेश बघेल ने इन आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण दिया है और न ही दोषी लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “आज कांग्रेस पार्टी के अंदर जातिगत आधार पर धक्का देने की बात चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। आप इसे छिपा सकते हैं, लेकिन खत्म नहीं कर सकते।”

‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश का स्वागत करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि यह फैसला राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और मजबूत करेगा। राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत केवल औपचारिकताएं नहीं हैं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, गौरव और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि कांग्रेस के कुछ लोग शुरू से ही राष्ट्रगीत का विरोध क्यों करते रहे हैं। ‘वंदे मातरम्’ वह गीत है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक मंत्र की तरह देशवासियों को प्रेरित किया था। ऐसे गीत का विरोध करना और उसे रोकने के लिए साजिश रचना दुर्भाग्यपूर्ण है।

तरुण चुघ ने कहा कि देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इस दिशा में केंद्र सरकार का कदम देश की एकता और राष्ट्रभावना को और मजबूत करने वाला है।

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