हिमाचल प्रदेश सरकार ने रविवार को वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है, जो अप्रैल के वेतन से प्रभावी होगा।
राज्य में चल रही वित्तीय संकट से उबरने के प्रयास में वेतन को छह महीने के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, पुलिस महानिदेशक और शीर्ष वन अधिकारियों के वेतन में 30 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
सचिवों, विभागों के प्रमुखों, पुलिस महानिरीक्षकों और संभागीय वन अधिकारी स्तर तक के वन अधिकारियों को 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
वित्त सचिव आशीष सिंहमार ने आदेश में कहा, “स्थगित राशि को पेंशन और अवकाश नकदीकरण जैसे सभी उद्देश्यों के लिए ध्यान में रखा जाएगा, और पारदर्शिता के लिए वेतन पर्ची में स्पष्ट विवरण दिखाया जाएगा।”
भविष्य में लेखांकन संबंधी गड़बड़ियों को रोकने के लिए आयकर और एनपीएस अंशदान जैसी वैधानिक कटौतियों को सकल वेतन पर ही विनियमित किया जाता रहेगा।
ऋण चुकाने वाले कर्मचारियों के लिए, ऋण की किस्त की कटौती के बाद शेष वेतन पर स्थगन की गणना की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों को अपने आहरण एवं वितरण अधिकारियों को वचन पत्र प्रस्तुत करना होगा।
राज्य द्वारा वित्त पोषित बोर्डों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विश्वविद्यालयों और स्वायत्त निकायों को भी इसी राह पर चलने के लिए कहा गया है।

