शिमला नगर निगम राज्य का पहला शहरी स्थानीय निकाय बन गया है जिसने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े में परिवर्तन की शुरुआत की है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने सोमवार को राज्य सचिवालय से शिमला नगर निगम के 10 इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि इन वाहनों का परीक्षण पिछले वर्ष 10 से 14 नवंबर तक किया गया था, जिसके दौरान इन्होंने शहर के भूभाग और परिचालन स्थितियों में सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।
प्रत्येक वाहन की अपशिष्ट संग्रहण क्षमता एक टन है और इसे 13.98 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया है। शिमला नगर निगम पार्किंग सुविधा में चार्जिंग की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर प्रत्येक वाहन 130 से 150 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सरकार द्वारा ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है, जैसा कि उसके पहले बजट में उल्लिखित है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे उपाय हिमाचल प्रदेश को हरित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव से नगर निगम के परिचालन लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, नगर एवं ग्राम योजना मंत्री राजेश धरमानी, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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