June 22, 2026
National

वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, ‘हत्था जोड़ी’ के साथ एक तस्कर गिरफ्तार

Forest Department’s major crackdown on wildlife trafficking; smuggler arrested with ‘Hattha Jodi’.

महाराष्ट्र के पुणे में वन विभाग ने वन्यजीवों की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग की टीम ने पुणे रेलवे स्टेशन परिसर में जाल बिछाकर एक तस्कर को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से प्रतिबंधित वन्यजीव ‘हत्था जोड़ी’ (मॉनिटर लिजार्ड यानी गोह का सुखाया हुआ गुप्तांग) बरामद किया गया है।

वन विभाग को गोपनीय जानकारी मिली थी कि पुणे रेलवे स्टेशन परिसर में कुछ लोग वन्यजीवों और उनके अंगों की खरीद-बिक्री के लिए आने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर पुणे वन क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की एक विशेष टीम ने रेलवे स्टेशन के पास जाल बिछाया। टीम ने संदिग्ध हालत में घूम रहे मल्हार लाला लोखंडे नामक युवक को दबोचा। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से ‘हत्था जोड़ी’ बरामद हुई।

वन विभाग ने प्रतिबंधित वन्यजीव अंग को जब्त कर आरोपी मल्हार लाला लोखंडे को हिरासत में ले लिया। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला (वन अपराध) दर्ज किया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे एक दिन की वन कस्टडी (फॉरेस्ट रिमांड) में भेज दिया है। वन विभाग की टीम अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है कि आरोपी यह कहां से लाया था और इसे किसे बेचने वाला था।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत वन्यजीवों और पक्षियों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इस कानून की अनुसूची (शेड्यूल 1) में शामिल किसी भी प्रतिबंधित वन्यजीव या उसके अंगों की तस्करी करने पर सख्त सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में कम से कम 3 साल और अधिकतम 7 साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही कम से कम 25 हजार रुपये के जुर्माने का भी नियम है। यह पूरी कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) आशीष ठाकरे, उप वन संरक्षक अभिजीत वायकोस और सहायक वन संरक्षक विशाल चव्हाण के मार्गदर्शन में की गई।

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