पटियाला की एक अदालत ने सोमवार को आतम नगर निर्वाचन क्षेत्र से लुधियाना के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता सिमरजीत सिंह बैंस को पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा द्वारा दायर मानहानि के मामले में एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एकता सहोता ने सुनाया।
अदालत ने बैंस को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत के आदेशानुसार, दोषी पर जुर्माना भी लगाया गया। उसे कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया और बाद में जमानत बांड जमा करने के बाद रिहा कर दिया गया।
जुर्माना अदा न करने की स्थिति में, बैंस को एक महीने की अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाने से पहले, अदालत ने बैंस और उनके वकील की दलीलें सुनीं। नरमी बरतने की गुहार लगाते हुए बैंस ने कहा कि वह लंबे समय से मुकदमे का सामना कर रहा है और अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। उसने अदालत को यह भी आश्वासन दिया कि वह भविष्य में ऐसा अपराध नहीं करेगा।
दूसरी ओर, शिकायतकर्ता के वकील ने अपराध को गंभीर बताया और बैंस के लिए कड़ी सजा की मांग की। यह मामला 2018 का है। यह मामला 2018 का है, जब बैंस ने तत्कालीन पंजाब स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पर दवाओं की खरीद और नशामुक्ति केंद्रों को उनकी आपूर्ति को लेकर आरोप लगाए थे। इन आरोपों ने उस समय विवाद खड़ा कर दिया था।
इसके बाद मोहिंद्रा ने इस मामले में बैंस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद कानूनी कार्यवाही शुरू की गई और अंततः मामला अदालत में पहुंचा।


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