June 25, 2026
Haryana

यमुनानगर में किफायती चिकित्सा केंद्र की नींव रखी गई

Foundation stone laid for affordable medical centre in Yamunanagar

किफायती स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, यमुनानगर स्थित मुकुंद लाल जिला सिविल अस्पताल में जल्द ही ‘किफायती दवाएं और उपचार के लिए विश्वसनीय प्रत्यारोपण’ (AMRIT) फार्मेसी केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आवश्यक दवाओं तक पहुंच में सुधार करना और मरीजों पर वित्तीय बोझ को कम करना है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को यमुनानगर के सिविल अस्पताल में वर्चुअल माध्यम से अमृत फार्मेसी सेंटर की आधारशिला रखी। इसके साथ ही राज्य भर के अन्य अस्पतालों में भी इसी तरह की सुविधाएं शुरू की जाएंगी। एक बार चालू होने के बाद, यह केंद्र रियायती दरों पर विभिन्न प्रकार की दवाएं और मेडिकल इम्प्लांट उपलब्ध कराएगा, जिससे हर महीने अस्पताल आने वाले हजारों मरीजों को लाभ होगा।

सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी अधिक है, जहां प्रति माह लगभग 40,000 ओपीडी मरीज आते हैं, जबकि लगभग 7,000 मरीज फार्मेसी संबंधी सेवाओं का लाभ उठाते हैं। औसतन, प्रतिदिन 2,000 से 2,200 मरीज अस्पताल आते हैं।

अमृत ​​फार्मेसी सेंटर एक ही छत के नीचे आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, वो भी बाजार दरों से 50 से 70 प्रतिशत कम दामों पर। इनमें कैंसर, हृदय रोग और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी शामिल होंगी, जो अक्सर महंगी होती हैं।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईएमएस) सहित प्रमुख संस्थानों में ऐसे केंद्र पहले से ही कार्यरत हैं। सरकार ने अब इस सुविधा को जिला स्तरीय अस्पतालों तक विस्तारित करने का निर्णय लिया है। इस पहल के अंतर्गत, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने और रोगियों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए, यमुनानगर स्थित मुकुंद लाल जिला सिविल अस्पताल सहित राज्य भर के चुनिंदा सरकारी अस्पतालों में अमृत फार्मेसी केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

वर्तमान में, अस्पताल में एक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना केंद्र भी है। यदि अस्पताल की फार्मेसी में दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं, तो मरीजों को जनऔषधि केंद्र से दवाइयां खरीदने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अमृत फार्मेसी केंद्र के शुरू होने से सस्ती दवाइयों की उपलब्धता और भी सुगम और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

डॉक्टरों को यह भी सलाह दी गई है कि वे दवाओं को केवल उनके जेनेरिक (सॉल्ट) नामों से स्पष्ट और सुपाठ्य लिखावट में ही लिखें। मरीज़ अस्पताल की फार्मेसी से उपलब्धता के आधार पर ये दवाएं निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं या आवश्यकता पड़ने पर जनऔषधि केंद्रों से खरीद सकते हैं।

यमुनानगर की कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से इस केंद्र की आधारशिला रखी। इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कई अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम यमुनानगर के मुकुंद लाल जिला सिविल अस्पताल, जगाधरी के उप-मंडल सिविल अस्पताल और बिलासपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित किए गए। यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा मुकुंद लाल जिला सिविल अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

डॉ. मंगला ने कहा, “अमरित फार्मेसी सेंटर और अन्य स्वास्थ्य सेवा परियोजनाओं की स्थापना की पहल से मरीजों की देखभाल में काफी सुधार होगा और मरीजों द्वारा अपनी जेब से किए जाने वाले खर्च को कम करने में मदद मिलेगी।”

सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, “अमृत फार्मेसी केंद्र की स्थापना स्वास्थ्य सेवा को अधिक किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बड़ी संख्या में मरीज सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं, ऐसे में इस पहल से यमुनानगर जिले में सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी और उन्हें काफी राहत मिलेगी।”

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