June 17, 2026
National

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

Gang defrauding people under the pretext of securing jobs abroad busted; two accused arrested.

दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला साइबर थाना टीम ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अपना शिकार बनाते थे।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें पीड़ित ने आरोप लगाया था कि जापान में नौकरी दिलाने का वादा कर उससे 1.63 लाख रुपए की ठगी की गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना, पूर्वी जिला में ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया कि ठग खुद को भर्ती सलाहकार और विदेशी कंपनियों के अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। वे नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को बताते थे कि उनका बायोडाटा शॉर्टलिस्ट हो गया है और उन्हें विदेश में आकर्षक वेतन वाली नौकरी मिल सकती है। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन, वीजा प्रोसेसिंग, एम्बेसी क्लीयरेंस, अटेस्टेशन रिपोर्ट और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग किश्तों में पैसे जमा करवाए जाते थे।

मनी ट्रेल की जांच के दौरान पुलिस को कुश भटनागर नामक आरोपी का बैंक खाता मिला, जिसमें पीड़ित की ओर से भेजी गई रकम का बड़ा हिस्सा जमा हुआ था। वित्तीय जांच में यह भी पता चला कि रकम को कई खातों में बांटा गया, जिनमें सह-आरोपी अमित का खाता भी शामिल था। अमित ने कथित तौर पर ठगी की रकम निकालने और उसे आगे ट्रांसफर करने में भूमिका निभाई।

जांच के सिलसिले में पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के बरेली में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपी एक बड़े साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़े हुए थे, जो देशभर में नौकरी तलाश रहे लोगों को निशाना बनाता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, भर्ती से जुड़े ईमेल अकाउंट, ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इनका इस्तेमाल विदेशी कंपनियों के नाम पर फर्जी नौकरी के ऑफर भेजने के लिए किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुश भटनागर (22) और अमित (23) के रूप में हुई है। दोनों बरेली के सीबी गंज क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं पाया गया है।

Leave feedback about this

  • Service