N1Live Haryana घरौंडा मिलर 5.30 करोड़ रुपये का चावल पहुंचाने में विफल रहा, मामला दर्ज किया गया
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घरौंडा मिलर 5.30 करोड़ रुपये का चावल पहुंचाने में विफल रहा, मामला दर्ज किया गया

Gharaunda miller fails to deliver rice worth Rs 5.30 crore, case registered

घरौंदा पुलिस ने एक चावल मिल मालिक और उसके दो गारंटरों के खिलाफ खरीफ सीजन 2024-25 के लिए कस्टम-मिल्ड चावल (सीएमआर) की आपूर्ति करने में कथित रूप से विफल रहने के आरोप में मामला दर्ज किया है, जिससे सरकार को 5.30 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। आरोपियों की पहचान मिल मालिक विकास गुप्ता और उनके जमानतदारों सतीश कुमार और अंकित गुप्ता के रूप में हुई है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मिल को कस्टम पिसाई के लिए 36,385 क्विंटल से अधिक धान आवंटित किया गया था। इसमें से 27,198 क्विंटल धान घरौंदा अनाज मंडी से और 9187.50 क्विंटल धान असंध अनाज मंडी से आवंटित किया गया था। सरकारी मानदंडों के अनुसार, मिल मालिक को लगभग 24,378.286 क्विंटल धान चावल के रूप में भारतीय खाद्य निगम (FCI) को देना अनिवार्य था।

हालांकि, मिल मालिक ने निर्धारित समय सीमा 30 सितंबर, 2025 तक केवल लगभग 12,066 क्विंटल ही आपूर्ति की। इस कमी ने विभाग के भीतर चिंताएं बढ़ा दीं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के निरीक्षक सज्जन मान ने बताया कि मिल का भौतिक सत्यापन किया गया और परिसर में धान या चावल का कोई भंडार नहीं मिला।

विभाग द्वारा किए गए आकलन के आधार पर, सरकार को 53 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मान ने स्पष्ट किया कि यह राशि केवल निर्धारित समय सीमा तक ही गणना की गई है और इसमें ब्याज, होल्डिंग शुल्क, कर या अन्य बकाया राशि शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि कई नोटिस जारी किए जाने के बावजूद, मिल मालिक ने विभाग के पास केवल 20 लाख रुपये जमा किए हैं।

एफआईआर की पुष्टि करते हुए एसएचओ घरौंडा दीपक कुमार ने बताया कि मिल मालिक और गारंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

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