गाजीपुर के जंगीपुर थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में करंट लगने से शनिवार सुबह एक छात्र की मौत हो गई। छात्र की पहचान उत्कर्ष गुप्ता के तौर पर हुई है। जानकारी के मुताबिक, उत्कर्ष परीक्षा देने के लिए विद्यालय पहुंचा था। उस समय विद्यालय खुला ही था और कुछ बच्चे परिसर में खेल रहे थे। इसी दौरान उत्कर्ष परिसर में बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। विद्यालय प्रबंधन उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक छात्र के मामा दीपक गुप्ता ने आरोप लगाया कि विद्यालय के आसपास बंदरों का आतंक है। बंदरों से बचाव के लिए विद्यालय परिसर में जमीन से महज दो से तीन फीट ऊपर बिजली का तार लगाया गया था। खेलते समय उत्कर्ष तार की चपेट में आ गया। हादसे के बाद विद्यालय प्रबंधन ने परिवार को कोई सूचना नहीं दी।
दीपक गुप्ता के मुताबिक, किसी अन्य माध्यम से घटना की जानकारी मिलने पर वह विद्यालय पहुंचे, लेकिन वहां उनका भांजा नहीं मिला। इसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें उत्कर्ष की मौत की जानकारी हुई। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। मासूम बेटे को खोने के गम में उसके पिता की हालत बेहद खराब बताई जा रही है और वह कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं।
मामले को लेकर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें भी मिली है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे ने विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा और बिजली के इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि आखिर परिसर में इस तरह का तार क्यों लगाया गया था और हादसे के बाद परिजनों को सूचना देने में कथित लापरवाही क्यों बरती गई?


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