पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुमन सोमवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष कथित भ्रष्टाचार और प्रभाव का दुरुपयोग करने के मामले में पूछताछ के दूसरे दौर के लिए पेश हुए। घुमन दोपहर करीब 2.15 बजे सीबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। इससे पहले 16 अक्टूबर को उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई थी।
सीबीआई की जांच पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के 5 अक्टूबर के उस आदेश के बाद शुरू हुई है जिसमें सरकारी नियुक्तियों, निविदाओं और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की एफआईआर दर्ज करने और जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने एफआईआर और जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, लेकिन निर्देश दिया है कि इस स्तर पर घुमन के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
घुमन के आगमन के समय एजेंसी के कार्यालय में उस समय असहमति उत्पन्न हो गई जब उनके वाहन को गेट पर रोक दिया गया और उन्हें बाहर पार्क करने और पैदल अंदर आने के लिए कहा गया। उनके वकील जीपीएस घुमन ने सीबीआई कार्यालय के अंदर अपने मुवक्किल के साथ जाने की अनुमति न दिए जाने पर विरोध जताया। इस घटनाक्रम ने तनाव का एक नया बिंदु जोड़ दिया, क्योंकि एजेंसी ने मुख्यमंत्री के सहयोगी से दूसरी बार पूछताछ की।
वकील ने कहा कि वे इस मामले को सीबीआई अदालत में उठाएंगे, और जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होने वाले वकीलों और वादियों के अधिकारों की रक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का हवाला देंगे। सीबीआई सरकारी नियुक्तियों, निविदाओं और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े भ्रष्टाचार और प्रभाव का दुरुपयोग करने के आरोपों की जांच कर रही है। आरोपों की जांच अभी जारी है।

