August 11, 2026
National

पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात को देखते हुए भारत और सऊदी अरब का संपर्क में रहना महत्वपूर्ण : राजदूत

Given the current situation in West Asia, it is important for India and Saudi Arabia to remain in contact: Ambassador

सऊदी अरब में भारतीय दूतावास का कार्यभार संभालने से पहले भारत के नामित राजदूत विपुल ने कहा कि भारत और सऊदी अरब के बीच ‘ऐतिहासिक और विशेष संबंध’ हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।

अरब न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में विपुल ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व और सम्मान महसूस हो रहा है कि भारत सरकार ने उन्हें सऊदी अरब में सेवा देने की जिम्मेदारी सौंपी है। दो जून को विदेश मंत्रालय (एमईए) ने विपुल को सऊदी अरब में भारत का राजदूत नियुक्त किया था। वह जल्द ही अपना नया कार्यभार संभालेंगे। फिलहाल वह कतर में भारत के राजदूत के रूप में कार्यरत हैं।

भारत-सऊदी अरब संबंधों पर उन्होंने कहा, “हमारा रिश्ता ऐतिहासिक है, खास है और निश्चित रूप से रणनीतिक भी है।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के हित कई मामलों में एक जैसे हैं और एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। मौजूदा हालात में भारत और सऊदी अरब के लिए अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा, “मुझे सिर्फ यह दिखाई देता है कि आने वाले वर्षों में हमारे रिश्ते और आगे बढ़ेंगे और नई ऊंचाइयों को छुएंगे। पिछले एक दशक में हमारे संबंधों में काफी मजबूती आई है।”

राजनयिक ने कहा कि भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी है और पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते कई क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं। उन्होंने बताया कि राजनीतिक स्तर पर भी दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल’ के तहत नियमित बैठकें होती रहती हैं, जिनमें मंत्रिस्तरीय बैठकें भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति ‘पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय’ है और ऐसे समय में भारत और सऊदी अरब के संपर्क में बने रहना बहुत महत्वपूर्ण है। जब उनसे पूछा गया कि क्या दोनों देश मिलकर पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने में सहयोग कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘हमारे देशों के नेताओं के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। क्षेत्र में स्थिरता होना बहुत जरूरी है और भारत के लिए विकास सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।”

28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए मिले सहयोग पर भी उनका धन्यवाद किया था। बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा था, “सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत हुई। हमने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की। मैंने क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचे पर हुए हमलों की भारत की ओर से निंदा दोहराई।”

उन्होंने कहा, “हम इस बात पर सहमत हुए कि समुद्री मार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना और शिपिंग लाइनों को सुरक्षित तथा खुला रखना जरूरी है। साथ ही, सऊदी अरब में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए उनके लगातार समर्थन का धन्यवाद दिया।”

दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान हुई थी। यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों, क्षेत्रीय राजधानियों और उनके सहयोगी बलों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे।

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