मानसून की बारिश से गुरुग्राम की जल निकासी व्यवस्था की लगातार परीक्षा हो रही है, ऐसे में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने निवासियों को जलभराव और अन्य नागरिक समस्याओं की रिपोर्ट करने और त्वरित समाधान प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए 24×7 हेल्पलाइन सक्रिय कर दी है।
निवासी चौबीसों घंटे 1800-180-1817, 0124-4753555 या 9870201817 पर कॉल करके शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। वे प्रभावित स्थान की जानकारी और तस्वीरें साझा करके 7840001817 पर व्हाट्सएप के माध्यम से भी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकते हैं।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीना ने कहा कि समर्पित हेल्पलाइन मानसून के पूरे मौसम में चालू रहेंगी। कॉल सेंटर के अधिकारी चौबीसों घंटे सातों दिन उपलब्ध रहेंगे, विशेष रूप से बारिश के दौरान जलभराव की शिकायतों को प्राप्त करने और दर्ज करने के लिए।
अधिकारियों ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद, इसे कार्रवाई और समाधान के लिए तुरंत संबंधित विभाग और फील्ड टीमों को भेज दिया जाएगा।
निवासी 9873353224 पर मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं, जिसके बाद कॉल सेंटर का एक अधिकारी शिकायत दर्ज करने के लिए उन्हें वापस कॉल करेगा। शिकायतें जीएमडीए शिकायत निवारण प्रणाली पोर्टल के माध्यम से, [email protected] पर ईमेल द्वारा या ‘myGurugram’ ऐप के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती हैं।
शिकायत निवारण तंत्र केवल जलभराव तक सीमित नहीं रहेगा। निवासी जल आपूर्ति, सीवरेज, जल निकासी व्यवस्था, सड़कों, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के साथ-साथ अन्य नागरिक अवसंरचना और नगरपालिका सेवाओं से संबंधित मुद्दों की भी शिकायत कर सकते हैं।
यह एकीकृत प्रणाली जीएमडीए, गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) और मानेसर नगर निगम (एमसीएम) से संबंधित शिकायतों को कवर करेगी, जिससे निवासियों को नागरिक मुद्दों की रिपोर्ट करने के लिए एक ही मंच मिलेगा।
मीना ने कहा, “समय पर रिपोर्टिंग से संबंधित विभागों को तेजी से प्रतिक्रिया देने, आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने और मानसून के मौसम के दौरान निर्बाध नागरिक सेवाओं को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।”
जीएमडीए के अनुसार, एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि निवासियों को कई माध्यमों से शिकायतें दर्ज करने के लिए एक सरल और सुलभ मंच मिल सके। इससे शिकायतों की वास्तविक समय में निगरानी भी हो सकेगी, नागरिक एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और त्वरित जमीनी प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी।
मानसून के दौरान जलभराव को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर चौबीसों घंटे चलने वाली प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया है, क्योंकि हाल ही में हुई बारिश के बाद गुरुग्राम के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं और यातायात बाधित हो गया है।


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