N1Live Entertainment ‘एक्टिंग’ का गोल्ड मेडलिस्ट, जब नवीन निश्चल बने बॉलीवुड के रातों-रात स्टार
Entertainment

‘एक्टिंग’ का गोल्ड मेडलिस्ट, जब नवीन निश्चल बने बॉलीवुड के रातों-रात स्टार

Gold medalist in 'Acting', when Nayi Nischal became an overnight star of Bollywood

18 मार्च । 1970 के दशक में हिंदी सिनेमा में कई नए कलाकार आए, लेकिन उनमें से कुछ ने अपनी पढ़ाई और मेहनत से अलग पहचान बनाई। ऐसे ही एक अभिनेता थे, नवीन निश्चल, जिन्होंने फिल्म और अभिनय की दुनिया में न केवल अपनी कला दिखाई, बल्कि शिक्षा में भी अपनी काबिलियत साबित की।

उन्होंने अपने अभिनय के सफर की शुरुआत फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) से की, जहां वे टॉपर रहे और गोल्ड मेडल हासिल किया। इस उपलब्धि ने उनके करियर की नींव इतनी मजबूत बनाई कि वे रातों-रात स्टार बन गए।

नवीन निश्चल का जन्म 18 मार्च 1946 को पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। बचपन से ही उनमें पढ़ाई और कला के प्रति लगन थी। उनके परिवार ने उनकी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया और उन्होंने बेंगलुरु के मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। एक्टिंग का शौक उन्हें मुंबई ले आया, जहां उनके पिता के दोस्त और फिल्म निर्माता मोहन सहगल ने उन्हें पुणे स्थित फिल्म संस्थान से अभिनय सीखने की सलाह दी। नवीन ने एफटीआईआई में दाखिला लिया और मेहनत के दम पर गोल्ड मेडल जीता।

नवीन की पहली फिल्म ‘सावन भादो’ (1970) थी, जिसमें उनके साथ रेखा थीं। यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और नवीन रातों-रात स्टार बन गए। इसके बाद उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई। उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया, जैसे ‘विक्टोरिया नंबर 203’, ‘बुड्ढा मिल गया’, ‘धुंध’, ‘हंसते जख्म’ और ‘परवाना’। इन फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।

हालांकि, उनके करियर में उतार-चढ़ाव भी आए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो सेट पर उनका व्यवहार और नखरे कभी-कभी निर्माताओं के साथ तनाव पैदा कर देते थे। लेकिन उन्होंने कभी कला के प्रति जुनून नहीं छोड़ा। इसी वजह से उन्होंने टीवी की ओर रुख किया और कई हिट टीवी शो किए। इनमें सबसे लोकप्रिय ‘देख भाई देख’ था, साथ ही उन्होंने ‘आशीर्वाद’ और ‘फरमान’ जैसे शो में भी अपनी प्रतिभा दिखाई।

नवीन निश्चल की निजी जिंदगी भी काफी जटिल रही। उनकी पहली शादी नीलू कपूर से हुई, जो अभिनेता देव आनंद की भतीजी थीं। इस शादी से उनकी दो बेटियां हुईं- नशाता और नोमिता। लेकिन ये शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और तलाक हो गया। बाद में उन्होंने गीतांजलि से दूसरी शादी की। इस रिश्ते में कई विवाद आए और मीडिया में खूब खबरें छाईं।

19 मार्च 2011 को पुणे जाते समय दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनका जाना न केवल उनके परिवार और दोस्तों के लिए दुखद था, बल्कि हिंदी सिनेमा के लिए भी एक बड़ा नुकसान था।

Exit mobile version