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भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही सरकार, दोषियों पर होगी कार्रवाई: राजेंद्र शुक्ला

Government adopting zero-tolerance policy towards corruption; action will be taken against the guilty: Rajendra Shukla

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल शिक्षा और डॉक्टरों की उपलब्धता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।

राजेंद्र शुक्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। यदि किसी प्रकार की कमी, लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आती है तो उसकी पूरी जांच कराई जाती है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।”

इंदौर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “वहां पैरामेडिकल कर्मचारियों की आवश्यकता अधिक होने के कारण अस्थायी व्यवस्था की गई है। इंदौर में मैनपावर की जरूरत को देखते हुए स्वीकृत पदों में से 35 कर्मचारियों को आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों से प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर लाया गया है। जैसे ही संबंधित केंद्र पूरी तरह शुरू हो जाएगा, इन सभी कर्मचारियों को उनके मूल कार्यस्थल पर वापस भेज दिया जाएगा।”

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की गाइडलाइन और मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करती है। उन्होंने कहा, “एनएमसी समय-समय पर अपनी गाइडलाइन, मैनुअल और एडवाइजरी जारी करता है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करती है कि नीट परीक्षा के बाद एनआरआई कोटे सहित प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रहे। हाल ही में जारी एडवाइजरी का भी पूरी तरह पालन कराया जाएगा।”

ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन सरकार इसे दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि नए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की घोषणा के साथ ही आवश्यक पद भी स्वीकृत किए जाते हैं और जल्द से जल्द भवन निर्माण पूरा कराने की दिशा में काम किया जाता है।

इंदौर के खजराना क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि वहां आवंटित भूमि पर अतिक्रमण और कब्जा नहीं मिलने जैसी समस्याओं के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। उन्होंने कहा, “भूमि से जुड़े सभी विवादों का समाधान कर स्वास्थ्य विभाग को विधिवत कब्जा दिलाने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।”

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