पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने माकपा नेता लहेक अली को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने हिंसा भड़काने में भूमिका निभाई। इस बीच मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और हिंसा व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा।
सोमवार को मीडिया से बात करते हुए मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “बारुईपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। हालांकि, जिन लोगों ने हालात का फायदा उठाकर अशांति फैलाई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।”
मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “केंद्र सरकार के पास गांवों में लोगों का जीवन बेहतर बनाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं हैं। हालांकि, पहले की पश्चिम बंगाल सरकार ने इनमें से कई योजनाओं को लागू नहीं होने दिया और जनता इनके फायदों से वंचित रह गई। अलग-अलग योजनाओं के लिए आवंटित हजारों करोड़ रुपये अटके रहे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिले।”
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की ‘सेवाश्रय’ पहल पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “सेवाश्रय के नाम पर गलत गतिविधियां की गईं, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ गई। गलत इलाज के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। जूनियर डॉक्टरों से लेकर अन्य स्तरों पर गलत इलाज के मामले सामने आए हैं। प्रभावित लोगों को कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए और हम उनकी मदद करेंगे।”
उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व में हालात ऐसे हैं कि वहां सरकारें तो हैं, लेकिन कुछ आतंकवादी समूह इलाके में आवाजाही को नियंत्रित कर रहे हैं और अपने मकसद के लिए संघर्ष का फायदा उठा रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार और भारतीय नौसेना ऐसी स्थितियों से निपटने में सक्षम हैं। पहले भी, जब अफ्रीका के तट पर ऐसी ही घटना हुई थी, तो भारतीय नौसेना ने कार्रवाई की थी और स्थिति को नियंत्रण में लिया था। अगर कोई ऐसी गलती करता है, तो उसे इसके नतीजे भुगतने होंगे।”


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